मोदी PM बने तो देश बर्बाद हो जाएगा: मनमोहन

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Friday, January 03, 2014-11:24 AM

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज मीडिया से औपचारिक रूप से रू-ब-रू होकर अंतत: आज 10 वर्षों में तीसरी बार अपनी चुप्पी तोड़ी और मंच पर मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपने दो कार्यकालों के दौरान आज तीसरे संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा कि हमारी पार्टी ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया इसलिए ऐसे नतीजे आए लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजों से हम सबक लेंगे।

मोदी पर साधा निशाना
गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी के पीएम इन वेटिंग पर बड़ा हमला करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि अगर मोदी पीएम बने तो देश के लिए ये विनाशकारी होगा। अहमदाबाद की सड़कों पर बड़ा कत्लेआम हुआ था। सिंह ने कहा, ‘‘मैं ईमानदारी से मानता हूं कि श्री नरेन्द्र मोदी जो कह रहे हैं, वह होने वाला नहीं है।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या वह मानते हैं कि भारी समर्थन की लहर के चलते मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे।

1984 सिख दंगों पर दी सफाई
सिंह ने हालांकि 1984 के सिख विरोधी दंगों पर सवाल किए जाने पर कहा कि वह सार्वजनिक रूप से सरकार की ओर से सिख समुदाय से माफी मांग चुके हैं। 1984 में जो कुछ हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। सिंह ने आज कहा कि 1984 के दंगों से प्रभावित सिखों के लिए संप्रग ने काफी कुछ किया है लेकिन बहुमूल्य जीवन के नुकसान की भरपायी के लिए कोई भी मुआवजा पर्याप्त नहीं है।

 

सिंह ने कहा कि वह दंगों के लिए सिख समुदाय के लोगों से संसद में माफी मांग चुके हैं और उनकी सरकार ने जहां तक संभव हुआ, पीडित परिवारों को राहत दी है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमारी सरकार ने (सिख पीडितों के लिए) काफी कुछ किया है। मैंने हमारे देश की सरकार की ओर से संसद में सिख समुदाय से 1984 में जो कुछ हुआ, उसके लिए सार्वजनिक माफी मांगी है । ऐसा कभी फिर नहीं होना चाहिए ।’’

राहुल की तारीफ के पुल बांधे

आगामी लोकसभा चुनाव में खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से अलग करते हुए इसके लिए उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पैरवी की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की अपार क्षमताएं हैं और मुझे उम्मीद है कि पार्टी इस बारे में उचित समय पर फैसला करेगी।‘‘ राहुल गांधी में काबिलियत है और पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी उम्मीदवारी के बारे में सही समय पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि वह अगले प्रधानमंत्री को सत्ता सौंपने को तैयार हैं। उन्होंने यहां नेशनल मीडिया सेंटर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने अपना काम पूरी जिम्मेदारी से किया है।

खुद पर बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने इस आरोप का खंडन किया कि वह पार्टी और सरकार से संबंधित मुद्दों बोल नहीं रहे थे। संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ''जब कभी भी जरूरत पड़ी, मैं पार्टी के मंच पर बोलता हूं। मैं भविष्य में भी बोलता रहूंगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक कमजोर प्रधानमंत्री नहीं हैं। मनमोहन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, ''मैं नहीं मानता कि मैं एक कमजोर प्रधानमंत्री हूं। इस पर फैसला करने का काम इतिहासकारों का है।''

जम्मू कश्मीर में उग्रवादी घटनाओं में दस गुना कमी
संप्रग सरकार के साढ़े नौ साल के शासनकाल में जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में दस गुना कमी आई और राज्य के हालात ‘‘तेजी से सुधर’’ रहे हैं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा जारी किए गए सरकार के रिपोर्ट कार्ड में आज यह बात कही गई। सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात में काफी सुधार आया है क्योंकि सरकार ने राज्य की जनता के साथ मिलकर हालात को सामान्य बनाने और विकास को बढ़ावा देने संबंधी कार्य किए। इसके अनुसार, ‘‘उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में तेजी से कमी आई और केन्द्र और राज्य सरकार ने चूंकि सहयोग और समन्वय के साथ काम किया इसलिए इस तरह की घटनाओं में दस गुना तक की कमी देखी गई।’’

भारत में एफडीआई के लिए अनुकूल वातावरण
सिंह ने आज कहा कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए अनुकूल माहौल है और स्थिति में सुधार जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ भारत में एफडीआई के लिए अनुकूल वातावरण है और हम ऐसा माहौल उपलब्ध कराना जारी रखेंगे। हम व्यवस्था में जहां कहीं भी सुधार की गुंजाइश है, सुधार करना जारी रखेंगे।’’ पिछले साल, सरकार ने दूरसंचार, रक्षा, पीएसयू तेल रिफाइनरियों, जिंस बाजारों, बिजली एक्सचेंजों व शेयर बाजारों सहित करीब एक दर्जन क्षेत्रों में एफडीआई नीति के नियमों को उदार किए हैं।

 

हालांकि, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश में एफडीआई प्रवाह 15 प्रतिशत घटकर 12.6 अरब डालर रह गया जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 14.7 अरब डालर था। वर्ष 2013 के अंत में वित्त मंत्रालय ने ब्रिटेन स्थित टेस्को के 11 करोड़ डालर के एफडीआई प्रस्ताव को मंजूरी दी। टेस्को ने देश में टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट के साथ मिलकर बहुब्रांड खुदरा स्टोर्स खोलने का प्रस्ताव किया है। सरकार निर्माण गतिविधियों, रेलवे व ई-कामर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों को उदार बनाने की प्रक्रिया में है। भारत को 12वीं पंचवर्षीय योजना में ढांचागत सुविधाओं मसलन बंदरगाहों, हवाईअड्डों और राजमार्गों आदि के निर्माण के लिए करीब 1,000 अरब डालर निवेश की दरकार है।

शिक्षा में निवेश के महत्व
शिक्षा में निवेश के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि उनकी सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान और वंचितों एवं लड़कियों के लिए छात्रवृत्तियों जैसी योजनाओं से शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार किया है। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में स्थापित किए गए शैक्षणिक संस्थानों की संख्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस तथ्य से गर्व होता है कि हमने अपने देश में शिक्षा का परिदृश्य बदल दिया।’’ यह बताते हुए कि वह खुद उदार छात्रवृत्ति और शिक्षा में सार्वजनिक निवेश के लाभार्थी रहे हैं, सिंह ने कहा, ‘‘ शिक्षा हमारे देश की उत्पादन क्षमता में इजाफा करने और बेहतर नौकरियों तक पहुंच बनाने की हमारी रणनीति का प्रमुख घटक है।’’

महंगाई रोकने में नाकाम रहे
मनमोहन सिंह ने महंगाई रोकने में नाकामी स्वीकारते हुए आज कहा कि ऊंची कीमतों से किसानों को मदद मिली है और अब देश के समक्ष बेहतर समय आने की आशा है। सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के मार्ग पर आने का भरोसा जताते हुए यहां कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से उबरने लगी है। भारतीय अर्थव्यवस्था भी शीघ्र ही बेहतर प्रदर्शन करेगी। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए विपक्ष तथा मीडिया को बहुत हद तक जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता और परिस्थितियों के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ काम किया है और आने वाला समय तथा इतिहास बतायेगा कि उनका काम कितना सही रहा है।

टू जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लाक आवंटन पर बोले पीएम
टू जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लाक आवंटन को लेकर लग रहे आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा कोशिश रही है कि ये काम पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से हो लेकिन कुछ अनियमितताएं हुई हैं और जिसने भी गलत काम किया है उसे दंडित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के जो आरोप लग रहे हैं वे संप्रग एक के समय लिए गए निणर्यों को लेकर है लेकिन वर्ष 2009 में हुए जनता ने इस सरकार के कामकाज के आधार पर हमें और बडा जनादेश दिया था, जिससे साफ है कि ये आरोप उसके गले नहीं उतरे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मीडिया और कभी कभी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) तथा कुछ अन्य लोगों ने इन आरोपो को बढा चढाकर पेश किया है।

वीरभद्र सिंह पर चुप रहे मनमोहन
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के मसले पर पीएम ने कहा कि वीरभद्र सिंह के मसले पर कुछ नहीं बोलना चाहूंगा। वीरभद्र पर सोचने का अभी वक्त नहीं है। वीरभद्र पर अरुण जेटली की चिट्ठी जरूर मिली है।

आम आदमी पार्टी पर बोले पीएम
आम आदमी पार्टी की कामयाबी के सवाल पर मनमोहन ने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है। भ्रष्टाचार को खत्म करने की चिंता आप ने बखूबी दिखाई है। लेकिन उसे इसमें कितनी कामयाबी मिलेगी ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इससे निपटने के लिए सिर्फ एक पार्टी सफल नहीं हो सकती। सभी पार्टियों को इससे मिलकर लडऩा होगा।

परमाणु करार सर्वश्रेष्ठ क्षण था
मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच परमाणु करार उनके कार्यकाल का सर्वश्रेष्ठ क्षण था। मीडिया के साथ यहां बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री से पूछा गया कि उनके कार्यकाल का सर्वश्रेष्ठ और सबसे खराब क्षण क्या था, मनमोहन ने कहा, ‘‘इस पर प्रकाश डालने के लिए समय की जरूरत होगी।’’ हालांकि, इसके बाद तत्काल उन्होंने जवाब दिया, ‘‘लेकिन मैं समझता हूं कि जब हमने अमेरिका के साथ परमाणु करार करने में सफलता हासिल की तो मेरे लिए वह पल सर्वश्रेष्ठ था। इस करार पर प्रतिबंध की वजह से हमारे देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की प्रक्रिया और तकनीकी प्रगति कई मायनों में अवरुद्ध हो गई थी।’’

गौरतलब है कि आज मनमोहन सिंह ने सरकार की उपलब्धियों के बारे में बातचीत की और मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए।


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