पढे़ंः विश्वास मत जीतने के पश्चात केजरीवाल ने किन मुद्दों को ठहराया 'सबसे अहम'

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Thursday, January 02, 2014-9:35 PM

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में आज विश्वास मत जीतने के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार के एजेंडा पर जनलोकपाल विधेयक को पारित कराना ‘‘सबसे अहम मुद्दा’’ है। केजरीवाल ने ‘‘अपने नियंत्रण में मौजूद सभी संसाधनों’’ के साथ दिल्ली सरकार और शहर के नगर निगमों में भ्रष्टाचार से लडऩे का इरादा जाहिर किया और जोर देकर कहा कि जिसे भी भ्रष्टाचार का दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, जनलोकपाल विधेयक हमारे एजेंडा पर सबसे अहम है। आम आदमी पार्टी लोकपाल को ही जनलोकपाल कहती है। केजरीवाल ने उम्मीद जतायी कि दिल्ली में राजनीति का जो मॉडल उन्होंने शुरू किया है उसका असर पूरे देश में जल्द ही देखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे उम्मीद है कि दिल्ली में हमने जिस नए तरीके की राजनीति की शुरूआत की है उससे शहर में सकारात्मक बदलाव आएंगे। जल्द ही यह पूरे देश में होगा। उन्होंने कहा, सात मंत्री इन चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते। 70 विधायक इन चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते। हम सब को भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए साथ आना होगा।

भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर किसी को भी नहीं छोड़ेंगे: केजरीवाल
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज स्पष्ट किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त किसी को भी नहीं छोड़ेगी, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो क्योंकि आम आदमी पार्टी का गठन राजनीति से भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए हुआ है।

केजरीवाल ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर हुयी चर्चा के जवाब में कहा, मैं आपको यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम सभी के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर मामला चलाएंगे चाहे वह किसी भी पार्टी से सम्बद्ध क्यों ना रखता हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी भ्रष्ट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को लेकर प्रतिबद्ध है चाहे वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के हों, भाजपा नियंत्रित एमसीडी हो या उनकी सरकार में कोई व्यक्ति हो। केजरीवाल ने 20 मिनट के अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरे शक्ति से जारी रखेंगे क्योंकि आप का गठन राजनीति से भ्रष्टाचार का सफाया करने के लिए हुआ है।

इससे पहले भाजपा नेता हर्षवर्धन ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू करने की सरकारी की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल ने कांग्रेस शासन के दौरान हुए घोटालों की जांच करने का वादा किया था। लेकिन अब उन्होंने उस बारे में बात करना बंद कर दिया है क्योंकि आप की सरकार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।’’ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि सरकार किसी भी आरोप की जांच कराने के लिए मुक्त है और उनकी पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रूख पहले ही स्पष्ट कर दिया है।


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