AICC बैठक में राहुल की उम्मीदवारी की घोषणा के आसार बढे

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Sunday, January 05, 2014-12:59 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के तीसरी पारी में उतरने से इनकार करने के बाद अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एअईसीसी) की 17 जनवरी को यहां होने वाली बैठक में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अगले आम चुनाव के लिए पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिए जाने की पूरी संभावना है। कांग्रेस के भीतर काफी समय से गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग उठ रही है।

हाल में चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद इस मांग ने और जोर पकडा तथा उसके कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी कहा है कि कांग्रेस को अपना उम्मीदवार घोषित करना चाहिए। इस तरह की भी अटकलें लग रही थी कि पार्टी आम चुनाव से पहले ही गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा सकती है लेकिन श्री सिंह ने इस अटकलों पर विराम लगा दिया है। चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कहना पडा था कि पार्टी उचित समय पर अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी।

समझा जाता है कि डा. सिंह के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरी पारी नहीं खेलने और चुनाव के बाद नए प्रधानमंत्री को सत्ता सौंपने के लिए तैयार रहने की शुक्रवार को की गई घोषणा के बाद पार्टी के लिए गांधी को जल्द ही उम्मीदवार घोषित करना आसान होगा और इस घोषणा के लिए एआईसीसी का मंच सबसे उपयुक्त होगा। डा. सिंह ने गांधी को प्रधानमंत्री पद के पूरी तरह काबिल बताकर उनकी उम्मीदवारी के संकेत दे दिए और इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने भी ऐसे ही संकेत दिए।

पार्टी महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि पार्टी यह कहती आयी है कि सोनिया गांधी के बाद पार्टी में गांधी दूसरे नम्बर पर हैं। जब भी पार्टी में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के बारे में सवाल उठेगा तो पूरी पार्टी चाहेगी कि गांधी यह पद संभालें। द्विवेदी ने कहा कि जहां तक सिद्धांत की बात है पूरी पार्टी, पूरी दुनिया जानती है कि जब भी कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का सवाल उठेगा तो गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा लेकिन राजनीतिक दलों की एक प्रक्रिया और कुछ औपचारिकतायें होती है। पार्टी के युवा नेताओं का पहले से इस बात पर जोर रहा है कि गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घाोषित किया जाए।

उनका मानना है कि पार्टी चुनाव में प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ जाएगी तो इसका फायदा मिलेगा। चार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद गांधी ने जो सक्रियता दिखाई है उससे पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। लोकपाल विधेयक पारित करने, आदर्श घोटाले पर स्पष्ट रुख अपनाने, दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को समर्थन देने और उद्योगपतियों की बैठक में आर्थिक मोर्चे पर गांधी ने मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है।

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला कर उन्होंने उन्हें महंगाई और भ्रष्टाचार से निपटने के लिये निर्देश भी दिए। इससे पार्टी जनों को लग रहा है कि अब गांधी को उम्मीदवार घोषित करने में देर नहीं की जानी चाहिए। गांधी को पार्टी में बडी भूमिका देने की भारी मांग के बाद उन्हें पिछले वर्ष जनवरी में जयपुर अधिवेशन के दौरान उपाध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद से गांधी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण फैसले लेने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।


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