पड़ोस के बच्चों को पहले प्रवेश देना चाहते हैं स्कूल

  • पड़ोस के बच्चों को पहले प्रवेश देना चाहते हैं स्कूल
You Are HereNational
Sunday, January 05, 2014-3:16 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): उप राज्यपाल (एलजी) ने नर्सरी एडमिशन की गाइडलाइन में परिवर्तन करके  दूरी का दायरा 8 किमी कर दिया है लेकिन निजी स्कूल प्रबंधन पहले जैसी व्यवस्था चाहते हैं। स्कूल चाहते हैं कि पास में रहने वाले बच्चों को ही पहले प्रवेश दिया जाए। इसके लिए वह पहले तय किए गए नियमों को ही सही मान रहे हैं। इसी कारण निजी स्कूल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि राजधानी के ज्यादातर स्कूल पहले की तरह 100 प्वाइंट सिस्टम को ही फार्मूला बनाकर नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।

पिछले कई वर्षों से चल रहे प्वाइंट सिस्टम में एलुमनी, सिबलिंग, ट्रांसफर और दूरी श्रेणी में स्कूल अलग-अलग अंक तय करते हैं। इन 4 श्रेणियों में से सबसे अधिक अंक दूरी के लिए रखे जाते हैं। इसके तहत नर्सरी कक्षा में उन छात्रों को दाखिले के लिए सबसे ज्यादा अंक दिए जाते हैं जो स्कूल से 6 किलोमीटर के दायरे के भीतर रहते हैं।अगर कोई छात्र स्कूल से एक या 2 किलोमीटर के भीतर रहता है तो उसे सबसे अधिक अंक मिलते हैं। ऐसे में सबसे पास रहने वाले बच्चों का दाखिला नर्सरी कक्षा में लगभग तय हो जाता है।

दिल्ली के उप राज्यपाल डॉ. नजीब जंग ने बीते 18 दिसम्बर को नर्सरी दाखिले के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा बनाए गए पुराने दिशा-निर्देशों में बदलाव कर दिया है। बदलाव के तहत 6 किलोमीटर का दायरा बढ़ाकर 8 किलोमीटर कर दिया गया है। यानी अब दूरी श्रेणी के लिए 8 किलोमीटर तक के बच्चों को अंक देने होंगे। दूरी श्रेणी के लिए ज्यादातर स्कूल 50 से 70 अंक तक तय करते हैं और एलुमनी के लिए 10, सिबलिंग के भी 10 और ट्रांसफर के लिए भी 10 अंक तक रखे जाते हैं।

उप राज्यपाल ने दिशा-निर्देशों में किए गए बदलाव के बाद न सिर्फ दूरी श्रेणी का दायरा बढ़ा दिया है बल्कि स्कूल मैनेजमैंट कोटे की 20 प्रतिशत सीटों को भी खत्म कर दिया है। स्कूलों की फीस बढ़ौतरी की मांग पर भी अब ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। स्कूल प्रबंधन मांगों को लेकर अब हाईकोर्ट में पहुंच गए हैं।अगर अदालत द्वारा उप राज्यपाल के आदेश को सही ठहराया जाता है तो स्कूलों की परेशानी बढऩी तय है। यही नहीं प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।पहले से तय समय के मुताबिक नर्सरी दाखिला प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू होनी है लेकिन अगर कोर्ट में सरकार और स्कूलों के बीच पहुंचे मामले का निस्तारण जल्दी नहीं हुआ तो प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने में देरी भी हो सकती है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You