लोकसभा चुनाव 2014: क्या आम आदमी पार्टी बनेगी भाजपा-कांग्रेस के लिए मुसीबत ?

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Sunday, January 05, 2014-3:58 PM

अनूपगढ़: दिल्ली विधानसभा के चुनाव में भ्रष्टाचार तथा महंगाई दो बड़े मुद्दे बने और लोगों ने एक साधारण माने जा रहे व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया। आम आदमी पार्टी का यह खास व्यक्ति अरविंद केजरीवाल आमजन की भावनाओं से भी ऊपर उठकर ऐसा छाया कि राजनीति के सभी गणित ही गड़बड़ा गए और वर्तमान में राजनीति की सभी चर्चाओं का केन्द्र बिन्दु केजरीवाल ही बने हुए हैं। जिस प्रकार से केजरीवाल को देश के दिल दिल्ली में समर्थन मिला और अब देश भर में समर्थन मिल रहा है, उससे यह सवाल भी उठने लगे है कि क्या आने वाले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी दोनों प्रमुख दलों भाजपा व कांग्रेस के लिए मुसीबत बनेगी? इस बात में कोई शक नहीं है कि आमजन वर्तमान में लगातार बढ़ रही महंगाई और बड़े-बड़े नेताओं द्वारा किए जा रहे भारी-भरकम घोटालों से बहुत आहत है और कहीं न कहीं लोग केन्द्र सरकार को इसके लिए दोषी मान रहे हैं। केजरीवाल ने सरकार के विरोध के बाद राजनीतिक दल बनाने का रास्ता समाज सेवी अन्ना हजारे से अलग होकर बनाया और आमजन को यह रास्ता पसंद भी आ रहा है, क्योंकि केजरीवाल ने राजनीति में आकर सेवा का जज्बा दिखाया है और जनहित में बड़े निर्णय अब तक लिए हैं।

जब केजरीवाल ने राजनीतिक दल की घोषणा की थी तो उस समय यह सवाल उठाने लगे थे कि क्या केजरीवाल की पार्टी वह मुकाम हासिल कर पाएगी, जोकि  कांग्रेस-भाजपा जैसे बड़े दलों को पछाड़कर आमजन को भ्रष्टाचार एवं महंगाई से राहत प्रदान कर सके? पिछले कुछ सालों से भ्रष्टाचार ने देश में बड़े पैमाने पर पांव फैलाए हैं तथा केन्द्र सरकार की नीतियां आमजन को प्रताडि़त करती नजर आ रही है। पिछले काफी समय से सरकार के  खिलाफ चल रहे समाज सेवी लोगों के अभियान में आम आदमी आप पार्टी के साथ बड़ी संख्या में जुडऩा यह साबित करता है कि सरकार के खिलाफ आमजन में भारी रोष है। अरविन्द केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के नाम से राजनीतिक दल बनाकर भ्रष्ट नेताओं और अफसरों के खिलाफ जो जज्बा आमजन को दिखाया है, वह लोगों को प्रेरित करता है कि व्यवस्था में सुधार होना ही चाहिए तथा भ्रष्ट लोगों से इस देश को मुक्ति  मिलनी ही चाहिए। ऐसे विचार वर्तमान में देश के हर पीड़ित व्यक्ति के सरकार के प्रति बने हुए हंै, यही कारण रहा है कि केजरीवाल को भारी संख्या में लोगों का समर्थन मिला है। केन्द्र सरकार की गलत आॢथक नीतियां और नित नई-नई योजनाएं व भ्रष्टाचार आम आदमी के लिए कोढ़ बना हुआ है, गरीब व्यक्ति और गरीब होता जा रहा है तथा अमीर लोग पैसे के बल और भी धनाड्य होते जा रहे हैं।

कहने को तो केन्द्र सरकार आमजन की हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन देश भर में पिछले 9-10 सालों में जो हाल देश का घोटालों तथा भारी भ्रष्टाचार के कारण हुआ है, उससे आमजन के मन में सरकार के प्रति अंदर ही अंदर आक्रोश बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा था, ऐसे में केजरीवाल जैसे नेता ने दिल्ली सरकार को चुनौती दी और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दिल्ली में केजरीवाल की चुनौती के आगे ढेर हो गई। जिस प्रकार दिल्ली में लोगों ने आम आदमी पार्टी को जन समर्थन दिया है, उससे ऐसा लग रहा है कि केन्द्र सरकार से सभी परेशान हैं और आने वाले लोकसभा चुनाव में भी केजरीवाल कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के लए भी गले की फांस बनने वाले हैं। हालांकि देश में इन दिनों नरेंद्र मोदी की लहर सी चल रही है तथा मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग मोदी केनाम पर भाजपा के साथ जुडऩे के लिए बेताब नजर आ रहा है, परन्तु दिल्ली में जो हर्ष कांग्रेस का केजरीवाल के कारण हुआ है, उससे दोनों ही दलों के समक्ष चुनौती खड़ी हो गई है और देश के हालत बता रहे है कि  आम आदमी पार्टी के साथ लोगों की भावना है।


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