पार्कों की खूबसूरती का प्लान लटका

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Sunday, January 05, 2014-5:31 PM

पश्चिमी दिल्ली (राजेश रंजन सिंह): नगर निगम के अंतर्गत आने वाले उद्यान विभाग की योजना अन्य सरकारी योजनाओं की तरह ही सरकारी फाइलों में सिमटकर रह गई है। 6 साल का लंबा समय बीतने के बाद भी पार्कों की खूबसूरती बहाल करने की योजना पर काम शुरू नहीं हो सका है। पार्कों में हरियाली के बजाय गंदगी और वीराना नजर आता है। पार्क  में अब असमाजिक तत्वों के अवैध कब्जे होने लगे हैं, जिससे लोगों ने इसका रुख करना बंद कर दिया है। 

साल 2007 में पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए ग्रीन एक्शन प्लान की योजना तैयार की गई थी। इस योजना के अनुसार नगर निगम के तहत आने वाले रोहिणी और नरेला जोन के पार्कों को संवारने की योजना थी। पौधारोहण के साथ-साथ इनकी देखरेख के लिए बेहतर व्यवस्था होनी थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते योजना फाइलों से निकलकर निगम के बदहाल पार्कों तक नहीं पहुंच सकी है। इसके अलावा पार्कों में लगाए गए पौधों की सिंचाई के लिए ट्यूबवैल भी काम नहीं करते, जो पौधे लगाए भी गए थे, वे भी देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। मंगोलपुरी और सुल्तानपुरी जैसे इलाकों में तो पार्कों की चारदीवारी के लिए लगाई गई लोहे के ग्रिल भी गायब है।

इन दोनों जोनों के अंतर्गत लगभग 600 से अधिक पार्क  आते हैं। इन पार्कों में हरियाली न होने के कारण लोगों ने भी आना छोड़ दिया है, जिसका फायदा उठा असमाजिक तत्वों ने इन जगहों को अपना अड्डा बना लिया है। लोगों ने कुछ जगहों को अवैध रूप से पार्किंग में तब्दील कर दिया है। निगम के अधिकारियों की मानें तो योजना पर काम शुरू किया गया है।


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