कश्मीर में सेना की तैनाती के लिए हो जनमत संग्रह: प्रशांत भूषण

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Monday, January 06, 2014-2:02 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता प्रशांत भूषण ने जम्मू कश्मीर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफस्पा) हटाए जाने की वकालत करते हुए आज कहा कि यह मानवाधिकारों के मामले में सेना को छूट प्रदान करता है, साथ ही लोगों में अलगाव की भावना पैदा करता है।

प्रशांत भूषण ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि कश्मीर के लोग सेना की तैनाती चाहते हैं या नहीं, इस सवाल जनमत संग्रह होना चाहिए। प्रशांत भूषण की कश्मीर में सेना की तैनाती को लेकर जनमत संग्रह कराने की मांग से अब विवाद गरमाया गया है। प्रशांत भूषण के इस बयान पर बीजेपी ने इसे वोट बैंक की राजनीति करार दिया है।

प्रशांत भूषण ने कहा कि यह अत्यंत जरूरी है कि हम लोगों के दिलों और मन को जीतें तथा अलगाव की भावना को उभरने से रोकें। इसके लिए जो पहली चीज किये जाने की जरूरत है, वह आफस्पा को हटाने की है जो सेना को मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों में छूट प्रदान करता है।’’

उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के मामलों में सेना की तैनाती लोगों की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होनी चाहिए सिवाए ऐसे स्थानों पर जहां अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा जरूरी हो। भूषण हालांकि अपने पूर्व के उस रूप से दूरी बनाते दिखे जिसमें उन्होंने कथित तौर पर राज्य के लोगों के चाहने पर कश्मीर को अलग किये जाने का पक्ष लिया था।


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