'आप' से 'भाजपा' चौकन्नी, जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट

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Monday, January 06, 2014-11:05 AM

लखनऊ: आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा चुनाव लडने की घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)चौकन्नी हो गयी है और अब वह शहरों के साथ ही गांवों में पकड मजबूत करने में लग गयी है। लोकसभा की सर्वाधिक 80 सीटे इसी राज्य से होने के कारण भाजपा यहां गांव से जुडने के लिए ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है।

प्रधानमंत्री पद के भाजपा उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट सरदार बल्लभ भाई पटेल की विश्व की सबसे उंची प्रतिमा स्टेचु आफ यूनिटी के निर्माण के लिए गांव से लोहा और मिट्टी इक_ा करने पर काफी जोर दिया जा रहा है। लौह संग्रहण कार्यक्रम को सीधे गांव और किसान से जोडा गया है। उत्तर प्रदेश में एक जनवरी से शुर इस कार्यक्रम के लिए पार्टी की केन्द्रीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।

अब पार्टी अपना आधार ग्रामीण क्षेत्रों में और बढाने पर जोर देने के साथ ही प्रत्याशियों के चयन में विशेष सतर्कता बरतेगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार इसके साथ ही सांगठनिक स्तर पर बदलाव कर अभ्यास वर्ग आयोजित करेगी जिसमें दो स्तर पर काम होगा। अब एक ओर जहां लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों को आधार बनाकर सम्मेलन होंगे वहीं दूसरी ओर छोटे कार्यकर्ताओं के साथ अब जिला सम्मेलन होंगे और विधान सभा स्तर पर दोनों सम्मेलन एक साथ कराने की तैयारी है। पार्टी शहरों से बाहर निकल कर गांवों में पंचायत स्तर पर कैम्प लगाएगी। इन कैम्पों में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाता बनाने के लिए फार्म भराए जाएंगे जिसमें पार्टी अपने स्तर से फार्म छपवाएगी और निर्धारित प्रारप के बाद बीएलए (बूथ लेवल असिस्टेंट) उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमाकर मतदाता बनवाने में मदद करेंगे।

संघ ने लोकसभा चुनाव में बेदाग पार्टी प्रत्याशियों को उतारने की हिदायत दी है। प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी महासचिव तथा प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने भी बीते दिनों बैठक में संकेत दे दिया है कि लोकसभा चुनाव में दस हजार वोट पाने वाले पत्याशी अथवा विधानसभा चुनाव में जमानत गंवा चुके प्रत्याशियों की लोकसभा 2014 के चुनाव में दावेदारी स्वीकार नहीं होगी। शाह को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के खास रणनीतिकारों में गिना जाता है1 ऐसे में उनके संकेत सीधे तौर पर केन्द्रीय नेतृत्व के स्तर से माने जाने लगे हैं।


पार्टी की पूरी कोशिश ग्रामीण स्तर पर भी मोदी फैक्टर का लाभ उठाने की है। स्वयं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा.लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि  मोदी गांव तक पहुंचे हैं अब पार्टी के हक में उनकी पहुंच को चोट में तब्दील कराना है। मोदी को व्यापक जन समर्थन सोशल मीडिया से मिला है। विकास के गुजरात माडल से जहां युवा पीढी प्रभावित है वहीं पर केजरीवाल के आन्दोलन का उस पर असर है। शहरों की लोकसभा सीटों पर निर्णायक रहने वाली भाजपा का आप ने रणनीति बदलने को मजबूर कर दिया है।


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