मानवाधिकार आयोग पहुंचा डूटा

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Monday, January 06, 2014-2:32 PM

नई दिल्ली (मनीष राणा) : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में गार्डस के खड़े होकर डयूटी करने का मुद्दा गर्माता जा रहा है। गार्डस के खड़े होने के मामले की गूंज पूरी दिल्ली में सुनाई दे रही है। इसके साथ ही अब यह मुद्दा मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुका है। वहीं डूटा का कहना है कि डीयू में आम आदमी की आवाज को दबाया जा रहा है। जब हर तरफ इतना राजनीतिक बदलाव आ रहा है, तो डीयू में क्यों नहीं आना चाहिए। विधानसभा में भी डीयू से सम्बंधित मुद्दो को उठाया जाना चाहिए, वहां आवाज उठनी चाहिए।

सर्दी की छुट्टी के दौरान डीयू के वीसी ने आदेश जारी किया था। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने डीयू के सभी गार्डस की कुर्सी और मेज वापस लेने ली गई थी। गार्डस को लगातार खड़े होकर डयूटी करनी पड़ रही है। आदेश के विरोध में डूटा ने अपनी आवाज बुलंद की थी और खुलकर इसका विरोध किया था।  डूटा ने गार्डस की कुर्सियां उन्हें वापस देने के मुद्दे पर शनिवार को डीयू नोर्थ कैम्पस में आर्ट फैकल्टी के सामने प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन की खासियत यह थी कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खड़े होकर धरना दिया था। धरना लगातार 12 घंटे तक दिया गया था और शनिवार रात 12 बजे तक चला था। अब डूटा ने गार्डस की लड़ाई को इससे भी मंजिल तक पहुंचाने के लिए आगे की रणनीति बनानी शुरु कर दी है। इसके साथ ही डूटा ने सभी से आवाज उठाने का आह्वान भी किया है। साथ ही डूटा इस मुद्दे को मानवाधिकार आयोग में भी ले गया है।  डूटा अध्यक्ष डॉ.नंदिता नरैन का कहना है कि अब यह मुद्दा जनता के सामने आया है।

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