तेलंगाना के खिलाफ याचिका असामयिक: हाई कोर्ट

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Monday, January 06, 2014-8:52 PM

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश का विभाजन करके नया तेलंगाना राज्य बनाने के प्रस्ताव के विरोध में दायर एक अन्य याचिका आज अस्वीकार कर दी।
 
न्यायमूर्ति एच एल दत्तू और न्यायमूर्ति एस ए बाबड़े की खंडपीठ ने वकील पीवी कृष्णैया की याचिका पर विचार करने से इंकार करते हए कहा, कि यह अभी भी असामयिक है। हम आंध्र प्रदेश विधानसभा का फैसला होने तक इस पर गौर नहीं कर सकते हैं।

न्यायालय ने करीब चार महीने पहले भी तेलंगाना के खिलाफ एक अन्य याचिका को भी खारिज कर दी थी। वकील कृष्णैया का कहना था कि उनकी याचिका आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है, इसलिए शीर्ष अदालत को इस पर विचार करना चाहिए।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो याचिका वापस ले सकता है और राज्य विधान सभा तथा केन्द्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश का विभाजन करके तेलंगाना राज्य बनाने के बारे में निर्णय होने के बाद उचित मंच पर याचिका दायर की जा सकती है।

शीर्ष अदालत ने गत वर्ष 26 अगस्त को भी तेलंगाना राज्य के खिलाफ दायर याचिका को असामयिक बताते हुए इस पर विचार करने से इंकार कर दिया था। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गत वर्ष पांच दिसंबर को देश के 29वें राज्य के रूप में 10 जिलों के साथ तेलंगाना राज्य के सृजन के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी।
 


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