सीतलवाड़ के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेने की मांग

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Monday, January 06, 2014-9:34 PM

नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की निंदा करते हुए माकपा ने आज इसे वापस लेने की मांग की और कहा कि 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को दंडित करने के लिए यह नरेंद्र मोदी सरकार का प्रतिशोध लेने वाला कृत्य है।

माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि यह मोदी सरकार द्वारा लोकतांत्रिक नियमों की अवमानना करना है। इस हिंसा में मुख्यमंत्री की भूमिका के पीछे के सच को सामने लाने के तीस्ता सीतलवाड़ और अन्य के सभी प्रयासों को धमकियों, चेतावनियों, झूठी प्राथमिकियों और गढ़ी गई कहानियों द्वारा दबाने की कोशिश की।

पार्टी ने कहा कि अहमदाबाद पुलिस द्वारा सीतलवाड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना मोदी सरकार द्वारा बदला लेने के लिए उठाया गया कदम है जो उन्हें 2002 के गुजरात दंगों में जाकिया जाफरी तथा अन्य पीड़ितों के परिवारों की ओर से न्याय के लिए लड़ाई लडऩे की सजा के तौर पर मिला।

माकपा ने प्राथमिकी वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने के समय को लेकर संशय है क्योंकि मोदी को एसआईटी की क्लीनचिट दिए जाने के पक्ष में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ जाकिया जाफरी अपील दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं।
 


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