सब कुछ लुटा दिया, फिर भी शादी को नहीं हुई तैयार

  • सब कुछ लुटा दिया, फिर भी शादी को नहीं हुई तैयार
You Are HereNational
Tuesday, January 07, 2014-10:57 AM

नई दिल्ली:  'मत उड़ाओ मेरे प्यार का मजाक, मैं उसको दिल से प्यार करता था। मैं नहीं चाहता था कि वह उस गंदगी में जिए। वह भी मेरा हर रोज इंतजार करती थी लेकिन मैं आज तक समझ नहीं पाया, वह क्यों उस गंदी जिंदगी से निकलना नहीं चाहती थी। मैंने उसको खोकर सबकुछ खो दिया।'

यह कहना है उस आशिक तन्नु का, जिसने जी.बी.रोड के कोठा नंबर 57 पर अपनी प्रेमिका नेहा की गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्या करने से पहले उसने उसी के हाथ के बने चावल खाए थे। उसने खाना खाते हुए आखिरी बार कहा था कि वह उसके साथ चले या फिर अपने घर वापस चली जाए। वह उसे किसी कीमत पर दूसरे आदमियों के साथ नहीं देख सकता है। वह कोठे से बाहर निकालने के लिए कोठे की मालिकन से भी उसे ले जाने की कीमत तय करने लगा था। तन्नू बताता है कि वह उसको वहां से निकालने के लिए अपनी किडनी भी बेचने को तैयार था। लेकिन वह किसी भी तरह नहीं मानी।

2 जनवरी की रात वह उसी के साथ सोया। उसका दोस्त योगेश दूसरी लड़की के साथ सोया। सुबह 6 बजे योगेश उसके 6 बाई अढ़ाई फुट के कमरे में आया। जहां पर दोनों जमीन पर एक गड्ढे पर सोए हुए थे। योगेश ने तन्नू को जगाया। बाद में योगेश ने तकिए से नेहा का मुंह दबा दिया। तभी तन्नू ने चाकू से उस पर वार कर दिया। तभी तन्नू ने चाकू  से उस पर वार कर दिया। नेहा तुरंत वहीं मर गई।

मारने के बाद वह उसे कुछ देर तक देखता रहा। उसकी आंखों में आंसू थे। तन्नू ने जाने से पहले उसे सॉरी डियर कहा। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने रास्ते में ही खून से सना चाकू फैंक दिया। अपने घर महरौली आने से पहले वह रास्ते रोता रहा और सॉरी डियर कहता रहा। पुलिस ने इस मामले में तन्नू और उसके सहयोगी योगेश (30) को गिरफ्तार कर लिया है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You