आप के लिए आसान नहीं दिल्ली से देश की यात्रा

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Tuesday, January 07, 2014-12:50 PM

नई दिल्ली (अमित कसाना): आप ने लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। सदस्यता अभियान के जरिए इसकी शुरूआती की गई है। ऐसे में अब यह सवाल उठने लाजमी है कि क्या आप पार्टी राजधानी में विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में अपना करिश्मा दोहरा पाएगी? आप को लोकसभा चुनाव में कितनी सीटें मिलेंगी? लोकसभा चुनावों में आप पार्टी प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों को पछाडऩे की क्या रणनीति बना रही है।

क्या आप दिल्ली में मोदी की विजय यात्रा को रोक सकेगी? आप लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटों पर समेटने में कामयाब रह सकती है। हालांकि अभी इन सवालों का किसी के पास भी स्पष्ट जवाब नहीं है। चुनावी पंडित अपनी तिकड़म भिड़ा अपनी चहेती पार्टियों को जिताने की जुगत में लगे हंै। बहरहाल भविष्य में जो कुछ भी हो विधानसभा चुनावों को देखते हुए आप पार्टी लोकसभा चुनावों में भी कुछ क्रांति करने की फिराक में जरूर है। अब वह इसमें कितनी कामयाब होती है यह जरूर देखने वाली बात होगी।

कहीं महत्वपूर्ण सीटों पर हारी है आप
आंकड़े बता रहे हैं कि आप नई दिल्ली लोकसभा में सबसे मजबूत स्थिति में है। इस लोकसभा में विधानसभा सीटों की बात करें तो कुल 10 सीटों में से 7 पर आप पार्टी के विधायक हैं। यहां मोती नगर, आर.के.पुरम व राजेंद्र नगर जिन सीटों पर  कांग्रेस व भाजपा के विधायकों ने जीत दर्ज की है उन सीटों के लिए अब आप कार्यकत्र्ताओं की एक विशेष टीम बनाकर प्रचार में लगाया गया है। जो पार्टी के विचारों, कामों, व क्षेत्र के विकास की योजनाओं को बताकर अन्य पार्टियों के वोट बैंक को तोड़ेंगे। उधर, उत्तर पश्चिमी लोकसभा में मंगोलपुरी व रोहिणी विधानसभा केवल 2 सीटों पर आप के विधायक हैं। ऐसे में यहां आप की स्थिति सबसे कमजोर मानी जा रही है। यहां नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किराड़ी, सुलतानपुर माजरा, नांगलोई जट 8 सीटों पर आप को कड़ी मशक्त करने की जरूरत है।

पूर्वी दिल्ली लोकसभा में मजबूत दावेदारी
नई दिल्ली के बाद अगर आप पार्टी कहीं मजबूत दावेदारी ठोक रही है तो वह है पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट। यहां पार्टी विधानसभा चुनावों में कुल 5 सीटों पर जीती थी। हारने वालों में कांग्रेस के दिगगज नेता व मंत्री अशोक कुमार वालिया व डॉ. नरेंद्र नाथ तक शामिल थे। ऐसे में इस लोकसभा सीट पर पार्टी अगर थोड़ी मेहनत भी करे तो उसे आसानी से कामयाबी मिल सकती है।
इसके बाद पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट में 4 विधानसभा सीट पर आप के विधायक हैं। वहीं, उत्तर पूर्वी जिला व दक्षिणी जिला में 3-3 विधायक हैं। ऐसे में इन तीनों सीटों पर आप के पैनी नजर है। इन लोकसभा के लिए आप के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गई हैं। जो हर वह हथकंडा अपना रही हैं जिससे लोकसभा में उनकी पार्टी की जीत सुनिश्चित की जा सके।

1 आवेदन पर 1000 कार्यकर्ता
आप पार्टी नेताओं की मानें तो लोकसभा प्रत्याशी के आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से प्रति लोकसभा हजार लोगों की सूची मांगी गई है।
यह हजार लोग ही आप पार्टी के कार्यकत्र्ता के रूप में उस लोकसभा में लोगों से घर-घर जाकर संपर्क साधेंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली व दक्षिणी दिल्ली समेत कुछ लोकसभा में इस सूची में शामिल लोगों ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर काम करना भी शुरू कर दिया है। वहीं, विधानसभा चुनावों की तरह सोशल मीडिया लोकसभा में भी आप पार्टी के प्रमुख हथियार बनी रहेगी। एस.एम.एस., फेसबुक समेत अन्य माध्यमों से हर वर्ग को पार्टी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक लोकसभा में सर्वे करवाए जाएंगे। सर्वे में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे उनके हिसाब से लोकसभा क्षेत्रों में काम किए जाने की योजना बनाई गई है।


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