पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के कार्यालय से दूर ही रहे गांगुली

  • पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के कार्यालय से दूर ही रहे गांगुली
You Are HereNational
Tuesday, January 07, 2014-2:14 PM

कोलकाता: विवादों में घिरे हुए पूर्व न्यायाधीश ए.के. गांगुली आज पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के कार्यालय में नजर नहीं आए। ऐसा कहा जा रहा है कि यौन उत्पीड़ऩ के आरोपों से घिरे गांगुली ने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। आयोग के सूत्रों ने  बताया कि गांगुली ने आज सुबह अपने कार्यालय में फोन किया और अपने कर्मचारियों को बताया कि वे आज नहीं आएंगे।

हालांकि उन्होंने कर्मचारियों को यह नहीं बताया कि उन्होंने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है या नहीं। गांगुली ने कल पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन से राजभवन में मुलाकात की थी। इसके बाद उच्च स्तरीय सूत्रों ने कहा था कि गांगुली ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि पूर्व न्यायाधीश ने खुद इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

गुरूवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस मामले पर राष्ट्रपति की ओर से उच्चतम न्यायालय को सिफारिश भिजवाने के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद यह परिवर्तन हुआ है। राष्ट्रपति की ओर से शीर्ष अदालत को भेजे जाने वाली सिफारिश को गांगुली के पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के कदम के रूप में देखा जा रहा था। उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने गांगुली को प्रशिक्षु वकील की ओर से लिखित व मौखिक बयान के आधार पर दोषी ठहराया था।

पैनल ने पाया था कि ली मैरीडियन होटल के कमरे में पिछले साल 24 दिसंबर को न्यायाधीश द्वारा लड़की के साथ किया गया व्यवहार ‘अस्वीकार्य बर्ताव की श्रेणी (यौन प्रकृति वाला अस्वीकार्य मौखिक,अमौखिक बर्ताव) में आता है। न्यायाधीश गांगुली ने प्रशिक्षु वकील द्वारा लगाए गए आरोपों को नकारते हुए खुद यह आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसलों की वजह से ‘कुछ ताकतवर निहित स्वार्थी तत्व’ उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You