जैन समुदाय को मिलेगा अल्पसंख्यक का दर्जा: रहमान खान

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Tuesday, January 07, 2014-8:29 PM

नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद  कांगेस के नेताओं ने लोकसभा चुनाव को लेकर सोनिया गांधी के गढ़ को बचाने के लिए जी-तोड़ मेहनत शुरू कर दी है। ऐसे में कांग्रेस अपनी योजना के तहत तीसरी बार यूपीए-3 का सपना साकार करना चाहती है।

इसी वजह से कांग्रेस ने नया पासा फैंका है। केंद्र सरकार जैन समुदाय को रिझाने की पूरी कोशिश कर रहा है। जैन धर्म के अनुयायियों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की तैयारी में है इसके लिए इस धर्म को नेशनल माइनॉरिटी एक्ट में शामिल किया जाएगा।

इस प्रस्ताव को कानून मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल ने आखिरी रूप दे दिया है और इस बारे में एक नोट प्रधानमंत्री ऑफिस को भी भेजा गया है। यह जानकारी देश के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान ने दी।

उन्होंने बताया कि जल्द ही केंद्र सरकार एक समान अवसर आयोग बनाने जा रही है। गौरतलब है कि ऐसे एक आयोग की संस्तुति सच्चर कमेटी ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के वास्ते दाखिल अपनी रिपोर्ट में की थी।

गौरतलब है कि 13 राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, झारखंड और उत्तर प्रदेश में पहले से ही जैनियों को अल्पसंख्यकों का दर्ज मिला हुआ है। 

जैन समुदायों को होगा फायदा:
गौरतलब है कि पंजाब में जैन समुदाय ने केंद्र सरकार से अल्पसंख्यक का दर्जा प्रदान करने की अपील की थी। अगर जैन समुदाय यदि ये दर्जा मिल जाता है तो जैन समुदाय अल्पसंख्यकों के लिए चलाए जा रहे 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत स्कॉलरशिप और राशि प्राप्त करने के हकदार हो जाएंगे।

छठा धर्म होगा यह दर्जा पाने वाला:
एक बार ये दर्जा  मिल जाने के बाद जैन भारत में छठे धार्मिक अल्पसंख्यक हो जाएंगे। अभी मुसलमान, सिख, पारसी, इसाई व बौद्धों को ये दर्जा प्राप्त है। विधि मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक पुनरीक्षण याचिका लंबित है।
 


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