प्रियंका के आने से भी कांग्रेस का नहीं होने वाला भला: भाजपा

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Tuesday, January 07, 2014-9:41 PM

नई दिल्ली: प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में कूदने की खबरों को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताते हुए भाजपा ने आज कहा कि इससे भी पार्टी की चुनावी संभावनाओं में किसी तरह का सुधार नहीं होने वाला है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां कहा, ‘‘प्रियंका का सक्रिय राजनीति में आना या नहीं आना कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। जहां तक भाजपा का संबंध है हमारा नेतृत्व एकदम स्पष्ट है और हमारा उद्देश्य 2014 के चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल करना है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए नहीं लगता कि प्रियंका के पूर्णकालिक राजनीति में आने से उसकी चुनावी संभावनाओं पर कोई फर्क पडऩे वाला है। सुधांशु ने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों ने कांग्रेस की जो गत बनी है उसने साफ कर दिया है कि आगामी लोकसभा चुनावों में उसका क्या हश्र होने वाला है। राहुल गांधी की छवि निखारने के लिए विदेशी विज्ञापन एजेंसी को ठेका देने की खबरों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई सूचना नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस ने राहुल की असफलता को स्वीकार करते हुए प्रियंका को आगे करने का मन बनाया है, भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव के नतीजों से कांग्रेस अस्थिर हो गई है। जब वह स्थिर हो जाएगी, हम तब प्रतिक्रिया करेंगे। प्रियंका कुछ देर के लिए आज उस बैठक में शामिल हुई जो राहुल पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ कर रहे थे। इससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। एक वरिष्ठ नेता ने इस बात को ख्याली अटकलबाजी करार देते हुए खारिज किया कि प्रियंका को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है और राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

हालांकि अटकलें बनी हुई हैं कि क्या प्रियंका राजनीति में उतरने की तैयारी कर रही हैं। आज की बैठक में उनकी उपस्थिति से अटकलों को बल मिला है। इससे पहले आज दिन में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा था कि बैठक राहुल गांधी ने बुलाई थी जो करीब 50 मिनट चली और प्रियंका बैठक के अंत में सिर्फ पांच मिनट वहां रहीं। इस बैठक में प्रियंका की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चायें शुरू होने के बीच पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रियंका गांधी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवार की सदस्य हैं। हो सकता है वह सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेती नहीं दिखती हों लेकिन वह लंबे समय से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य हैं। वह अमेठी और रायबरेली में चुनावी कायो’ की देखरेख करती रही हैं और वह अभी भी यह काम कर रही हैं।’’

द्विवेदी ने कहा, ‘‘राजनीतिक मुद्दों पर उनकी अपनी राय है और समय समय पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वह चर्चा करती रही हैं। इन मुद्दों पर अगर उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की तो इसमें आश्चर्य की क्या बात है।’’ करीब एक दशक पहले भी ऐसा माना जा रहा था कि प्रियंका सक्रिय राजनीति में आयेंगी। इसके विपरीत राहुल गांधी ने अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा जो सीट पहले उनके पिता राजीव गांधी के पास हुआ करती थी। अगस्त 2011 में सोनिया गांधी के विदेश में इलाज कराने के बाद एक बार फिर इन अटकलों ने जोर पकड़ा कि प्रियंका रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि पार्टी ने इस बात को खारिज किया। इससे पहले भी अमेठी रायबरेली के अलावा पूरे देश में कांग्रेस के प्रचार में प्रियंका गांधी को उतारने की मांग उठी थी।


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