20 साल पुराने विस्फोट मामले में टुंडा को छह दिन की हिरासत

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Wednesday, January 08, 2014-12:21 AM

नई दिल्ली: सीबीआई ने पांच ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार धमाकों के सिलसिले में लश्कर-ए-तय्यबा के बम विशेषज्ञ अब्दुल करीम टुंडा को आज हिरासत में ले लिया। वर्ष 1993 में हुए उन धमाकों में दो लोगों की मौत हुई थी और 22 अन्य घायल हुए थे।

अजमेर की एक विशेष अदालत ने सीबीआई को 72 वर्षीय टुंडा की हिरासत सौंपी। टुंडा अब दिल्ली पुलिस की न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने इस निर्देश के साथ टुंडा को छह दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया कि वह 13 जनवरी को उसे अदालत के समक्ष पेश करे। ये धमाके मुंबई राजधानी, फ्लाईंग रानी एक्सप्रेस, आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस, नई दिल्ली-हावड़ा एक्सप्रेस और हावड़ा-नयी दिल्ली एक्सप्रेस में पांच दिसंबर की शाम और 6 दिसंबर 1993 के तड़के की अवधि के दौरान हुए थे।

सीबीआई सूत्रों ने बताया विभिन्न थानों में दर्ज मामलों को केंद्र ने सीबीआई को जांच के लिए सौंपा था। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि ये धमाके साझा साजिश के कृत्य थे। जांच पूरी करते हुए सीबीआई ने 25 अगस्त 1994 को अजमेर में टाडा अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया। विशेष न्यायाधीश वी के माथुर ने मुकदमे का सामना कर रहे सभी 15 लोगों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि टुंडा कानून लागू करने वाली एजेंसियों की गिरफ्त से दूर रहा। टुंडा को पिछले साल भारत-नेपाल सीमा पर बनबासा में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया था।


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