दाखिला नहीं देने पर बताना होगा कारण

  • दाखिला नहीं देने पर बताना होगा कारण
You Are HereNcr
Wednesday, January 08, 2014-1:52 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): सभी निजी स्कूल प्रबंधनों को नर्सरी कक्षा में बच्चे का दाखिला नकारने के कारणों की अभिभावकों को लिखित रूप से जानकारी देनी होगी। स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर यह जानकारी दी जाएगी। नर्सरी कक्षा की पहली दाखिला सूची आने के बाद जिन अभिभावकों के बच्चों का नाम सूची से नदारद होगा, उन्हें स्कूल की ओर से बताया जाएगा कि उनके बच्चे का नाम सूची में किस वजह से नहीं आ सका है।

हर साल नर्सरी कक्षा की दाखिला सूची जारी होने के बाद अधिकांश अभिभावकों की यह शिकायत होती है कि उन्होंने दाखिले के आधार से जुड़े सभी दस्तावेज समय पर स्कूल में जमा किए थे और स्कूलों द्वारा दाखिले के लिए बनाए गए मापदंडों का भी पालन किया था लेकिन बावजूद इसके उनके बच्चे का नाम सूची में नहीं आया। दाखिला प्रक्रिया को और भी ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला किया है कि स्कूलों को दाखिला नकारने के कारणों की लिखित जानकारी अपने नोटिस बोर्ड पर लिखनी होगी।

इससे अभिभावकों को दाखिला नकारने जाने के कारण का आसानी से पता चल सकेगा और वह दाखिले के लिए आवेदन करते समय अपनी गलती का दोहराव नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा स्कूलों द्वारा ऐसा करने से दाखिले में होने वाली धांधली का भी खुलासा हो सकेगा। नर्सरी दाखिले की पहली, दूसरी और तीसरी सूची जारी होने के बाद सभी स्कूलों को नोटिस बोर्ड पर जानकारी उपलब्ध करवानी होगी।

अगर कोई स्कूल प्रबंधन किसी बच्चे का दाखिला नकारने के बाद उसके कारण की जानकारी अपने नोटिस बोर्ड पर नहीं देता है तो इस स्थिति में अभिभावक क्षेत्रीय उप निदेशक शिक्षा के कार्यालय में जाकर स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हंै। निदेशालय द्वारा नर्सरी दाखिले के लिए बनाए गए पुराने दिशा-निर्देशों में दिल्ली के उप राज्यपाल डॉ. नजीब जंग द्वारा किए गए बदलाव के बाद से राजधानी के स्कूल प्रबंधनों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दाखिला प्रक्रिया को लेकर अब यह मामला सरकार और स्कूल प्रबंधनों के बीच टकराव का विषय बन गया है जिस पर हाई कोर्ट में वीरवार से सुनवाई शूरू हो सकती है। स्कूलों की ओर से कोर्ट में दायर की गई याचिका में 2 विशेष बातों का जिक्र किया गया है। स्कूलों ने मांग की है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए स्कूल फीस में 20 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी की जाए और उप राज्यपाल द्वारा नर्सरी कक्षा में स्कूल मैनेजमैंट के 20 फीसदी कोटे को जिसे खत्म कर दिया गया है उसे दोबार से बहाल किया जाए। उप राज्यपाल द्वारा दिशा-निर्देशों में किए गए कुछ छोटे-छोटे बदलावों पर भी स्कूलों ने आपत्ति दर्ज करवाई है।

तय समय के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2014-15 के लिए पहले नर्सरी दाखिला प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू की जानी थी लेकिन चूंकि यह मामला कोर्ट में पहुंच गया है, इसलिए अब दाखिला प्रक्रिया के शुरू होने में विलम्ब हो सकता है। सुनवाई अगर लंबी खिंचती है तो दाखिला प्रक्रिया एक फरवरी से शुरू की जाएगी और 31 मार्च को प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। एक अप्रैल से सभी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You