हर युग में भ्रष्टाचार देखा गया: सिब्बल

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Wednesday, January 08, 2014-6:35 PM

नई दिल्ली: दुनिया में हर युग में एक छोटे समूह के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का जिक्र करते हुए कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने आज कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर रोकथाम के लिए लोकपाल विधेयक पारित करने जैसी पहल की है और आगामी संसद सत्र में इस बुराई पर लगाम लगाने वाले कुछ और विधेयक पारित कराये जाएंगे।

12वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिब्बल ने यहां कहा, दुनिया में किसी समय और किसी भी स्थान को देखा जाए तो एक छोटा समूह ऐसा मिलेगा जो भ्रष्टाचार से जुड़ा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और बिना उनकी पुष्टि हुए केवल आरोपों के आधार पर उन्होंने इस्तीफा दिया।

मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए हाल ही में लोकपाल विधेयक पारित किया। अगले सत्र में इस बुराई को समाप्त करने के लिए कुछ और विधेयक पेश किये जाएंगे। सिब्बल ने कहा कि हम किसी भी सम्यता का जिक्र करें, भ्रष्टाचार ऐसा विषय है जो हर समय देखा गया है। न्यायालयों में लंबित मुकदमों का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि अदालतों में न्यायाधीशों की कमी के कारण काफी मुकदमें लंबित हैं। मुख्य न्यायाधिशों के सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आलोक में उच्च अदालतों में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। ‘‘हम वित्त आयोग से इस संबंध में धन जारी करने का आग्रह करेंगे।’’

सिब्बल ने कहा कि निविदा की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और किसी तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बोली आनलाइन लगाने और प्रक्रिया की जानकारी इंटरनेट पर जारी करने की पहल की गई है। इससे पहले सिब्बल ने कहा कि दुनिया में भारत की ताकत को बढ़ाने में प्रवासी भारतीयों का काफी योगदान है। उन्होंने कहा कि वास्तविक चुनौती यह है कि युवाओं को उपयुक्त अवसर किस तरह से मुहैया कराये जाएं। उन्होंने कहा कि दुनिया में ब्रांड इंडिया को स्थापित करने में भारतीय दर्शन, फिल्म, संगीत, सांस्कृतिक संसाधन की अहम भूमिका रही है। 21वीं सदी में इसमें नई एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी जुड़ गई है।

कानून, संसार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 तक भारत में 60 करोड़ कामकाजी आबादी हो जाएगी। यह भारत के लिए बड़ा अवसर प्रदान करेगा। अगर इतनी बड़ी पढ़ी लिखी आबादी देश में होगी तब यह सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। सिब्बल ने कहा कि आज युवा भारत आकांक्षाओं से भरा हुआ है और अगर हम इस मौके का फायदा उठा सकें तब आकांक्षाओं से भरा भारत पूरी दुनिया को प्रेरणा देने वाला बन जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें इसके लिए विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करना होगा, शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल सुधार करने होंगे क्योंकि स्कूल जाने वाले प्रत्येक 100 बच्चों में से केवल 19 बच्चे विश्वविद्यालय स्तर पर पहुंच पाते हैं।


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