दिल्ली पुलिस के बीट कांस्टेबल रखेंगे झोलाछाप डॉक्टरों पर नजर

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Wednesday, January 08, 2014-11:48 PM

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बीट कांस्टेबल अब अपने इलाके के झोलाछाप डाक्टरों पर नजर रखेंगे। अगर उनको किसी डाक्टर पर शक हुआ तो वह उसके बारे में दिल्ली मेडिकल काउंसिल से पता करेंगे और उसके बाद ऐसे डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह सूचना दिल्ली पुलिस की तरफ से दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दी गई है। न्यायालय में एक  झोलाछाप डॉक्टर की गलती के कारण एक महिला की मौत हो जाने के मामले में सजा पाए आरोपी की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

हालांकि न्यायमूर्ति जे.आर.मिढ़ा ने आरोपी रियाजुद्दीन की अंतरिम जमानत अवधि को दो माह के लिए बढ़ा दिया है। उसे अदालत ने पिछले साल 11 दिसम्बर को एक माह की अंतरिम जमानत दी थी। रियाजुद्दीन को निचली अदालत ने इस मामले में पांच साल कैद की सजा दी थी। जिसे उसने न्यायालय में चुनौती दे रखी है।
 
इस मामले में एक आरोपी डाक्टर को बरी कर दिया गया था और एक डाक्टर को आरोप मुक्त कर दिया गया था। आरोपी रियाजुद्दीन उस क्लीनिक में कम्पाउंडर था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल,दिल्ली पुलिस व अन्य संबंधित अधिकारियों से इस तरह के झोलाछाप डाक्टरों पर नकेल कसने के संबंध में सुझाव मांगे थे।
 
बुधवार को पुलिस की तरफ से बताया गया कि उन्होंने बुधवार को ही एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें एस.एच.ओ को निर्देश दिया गया है कि वह अपने बीट कास्ंटेबल को इस संबंध में निर्देश दे।

बीट कांस्टेबल को बताया जाए कि नियमों के अनुसार हर डाक्टर को अपने क्लीनिक के बोर्ड पर स्टेट मेडिकल काउंसिल या मेडिकल काउंसिल आफॅ इंडिया से मिला रजिस्ट्रेशन नम्बर लिखना होगा।


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