बंगाल सरकार मेरी सिफारिशों को नापसंद करती थी: गांगुली

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Thursday, January 09, 2014-1:51 AM

कोलकाताः पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग (डब्ल्यूबीएचआरसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ए. के. गांगुली ने बुधवार को कहा कि कुछ मामलों में आयोग के अध्यक्ष के रूप में की गई उनकी सिफारिशों को राज्य सरकार ने कभी पसंद नहीं किया।

गांगुली ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वे ‘किसी और साजिश को रचने से रोकने के लिए’ और अपने परिवार की ‘खुशी और शांति सुनिश्चित’ करने के लिए पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के उनके कार्यकाल के दौरान आयोग के कामकाज के प्रति लोगों में विश्वास जगने से शिकायतों की संख्या दोगुनी हो गई।

उन्होंने एक निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने बताया, हम लोगों का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। शिकायतों की संख्या 5000 से बढकर 12000 से 14000 हो गई और इसमें अब वृद्धि होगी। लेकिन इस काम को करते हुए मैंने महसूस किया कि राज्य सरकार इसे पसंद नहीं करती है। एक विधि प्रशिक्षु की ओर से यौन प्रताडऩा की शिकायत किए जाने के बाद गांगुली पर पद छोडऩे का दबाव था।


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