गृह मंत्रालय के आदेश का उल्लंघन

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Thursday, January 09, 2014-2:19 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी):  गृह मंत्रालय के आदेश का उल्लंघन करना दक्षिणी दिल्ली के निगमायुक्त मनीष गुप्ता को भारी पड़ गया है। केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने गृहमंत्रालय और डीओपीटी के नियमों का उल्लंघन करने पर जमकर लताड़ा है। यहीं नहीं कैट ने डेपुटेशन के अधिकारी की याचिका को रद्द करते हुए  निगम में अब तक के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े कर दिए है।

दरअसल, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में असेसर एंड कलेक्टर के पद पर कार्यरत अधिकारी बीएन सिंह सहित अन्य दो अधिकारियों का निगम में डेपुटेशन का कार्यकाल समाप्त हो गया था। कार्यकाल समाप्त होने पर गृहमंत्रालय ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्यवाही करने तथा उन्हें वापस मूल कैडऱ में भेजने का आदेश दिया था। गृहमंत्रालय के आदेश पर अन्य दो अधिकारियों को वापस मूल कैडर में भेज दिया गया। लेकिन बीएन सिंह के मामले में निगमायुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई ना होने पर गृहमंत्रालय ने इसे आदेश की अवहेलना मानते हुए निगमायुक्त को रिमांइडर भेजकर पिछले आदेश पर हुई कार्रवाई का रिकार्ड मांगा था। गृहमंत्रालय के दूसरे आदेश के बाद भी निगमायुक्त ने इसे हल्के में लिया। हद तो तब हो गई जब निगम में डेपुटेशन पर कार्यरत यूपीपीसीएस कैडर के अधिकारी बीएन सिंह ने गृहमंत्रालय के आदेश को कैट में चुनौती दे दी।

कैट में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि यूपी सरकार ने डेपुटेशन पर रहने की स्वीकृति दी है, ऐसे में गृहमंत्रालय और डीओपीटी के नियम उन पर लागू नहीं होते है। गलत तर्क देकर नियमों का उल्लंघन करने पर कैट ने ना केवल इस मामले को रद्द कर दिया है बल्कि निगम में अब तक हुई पदोन्नति, गृहमंत्रालय के आदेश की अवहेलना, डीओपीटी के नियमों का उल्लंघन करने पर निगमायुक्त को कड़ी फटकार लगाई गई है। अब देखने वाली बात यह होगी की निगमायुक्त, कैट की फटकार के बाद इस मामले पर कार्रवाई करते हुए बीएन सिंह को चलता करते हैं या फिर गृहमंत्रालय की तरह ही कैट के आदेश को अनसुना किया जाता है। 


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