सुप्रीम कोर्ट का फैसला, चार्जशीट में नाम नहीं होने पर भी चल सकेगा केस

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Friday, January 10, 2014-3:53 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज व्यवस्था दी कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और पुलिस ने उसे आरोपी नहीं भी बनाया है तो उसके विरूद्ध मुकदमा चलाया जा सकता  है।   मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने हरदीप सिंह और अन्य की याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह व्यवस्था दी।

इस पीठ में न्यायमूॢत बी एस चौहान न्यायमूॢत रंजना प्रकाश देसाई न्यायमूॢत रंजन गोगोई और न्यायमूॢत एस ए बोब्डे शामिल थे।  ऊंची पहुंच वाले आरोपी जो अपने रसूख के कारण आपराधिक कार्यवाही और मुकदमे से बच जाते हैं उनके लिए आज की उच्चतम न्यायालय की यह व्यवस्था बडा झटका साबित हो सकती है।

  न्यायमूॢत चौहान ने पीठ की ओर से लिखे फैसले में टिप्पणी की...कोई आरोपी जिसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं उसे लापरवाही से और पक्षपातपूर्ण जांच की वजह से आरोप मुक्त नहीं किया जा  सकता...न्यायालय ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ यदि साक्ष्य हैं तो उसे आरोपी बनाया जा सकता है. चाहे उसका नाम पुलिस द्वारा पेश आरोप पत्र में हो या न हो।साक्ष्य ही महत्वपूर्ण हैं।


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