वेबसाइट पर देनी होगी ई डब्लू एस दाखिले की जानकारी

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Friday, January 10, 2014-3:06 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): निजी स्कूल प्रबंधनों को नर्सरी कक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) कोटे के बच्चों को दाखिला देने की जानकारी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर दर्ज करानी होगी। वेबसाइट पर स्कूलों के नाम और उनके क्षेत्र के साथ खाली रह गईं सीटों और भरी गईं सीटों का आंकड़ा डालना होगा।

नर्सरी दाखिला प्रक्रिया खत्म होने के बाद एक निश्चित समय के भीतर स्कूलों को यह जानकारी वेबसाइट पर डालनी होगी। जानकारी दर्ज हो जाने के बाद शिक्षा निदेशालय खाली पड़ी सीटों को दोबारा से भरने पर विचार करेगा। अगर खाली सीटों की संख्या बहुत ज्यादा होती है तो इस स्थिति में निदेशालय दोबारा से दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी करेगा। बता दें कि पिछले साल 31 मार्च को नर्सरी दाखिला प्रक्रिया खत्म होने के बाद 937 स्कूलों में ईडब्लूएस कोटे के तहत नर्सरी कक्षा में सात हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई थी।

इन सीटों को दोबारा भरने के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन इसके बाद भी सभी सीटों को नहीं भरा जा सका था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी कक्षा में ईडब्लूएस कोटे की 25 फीसदी सीटें आरक्षित रखी गई है। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों को दाखिला देने का प्रावधान रखा गया है। इनमें उन अभिभावकों के बच्चों को दाखिला दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपए से कम है।

दिल्ली में छोटे-बड़े करीब दो हजार निजी स्कूल हैं, जिनमें नर्सरी कक्षा की औसतन सीटें दो लाख के करीब है। निदेशालय ने पिछले साल भी जारी किए गए अपने आदेश में स्कूलों से कहा था कि दाखिला प्रक्रिया खत्म होने के बाद सभी स्कूलों को निदेशालय की वेबसाइट पर ईडब्लूएस कोटे की भरी गई सीटों की जानकारी दर्ज करानी होगी। साथ ही खाली सीटों का डाटा भी वेबसाइट पर डालना होगा। शैक्षणिक सत्र 2014-15 के लिए दिल्ली में फिलहाल नर्सरी दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

दिल्ली के उपराज्यपाल डॉ नजीब जंग द्वारा पिछले साल 18 दिसंबर को नर्सरी दाखिले के लिए बनाए गए पुराने दिशा-निर्देशों में बदलाव करने के बाद दिल्ली सरकार और स्कूल प्रबंधनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। फीस बढ़ोतरी, दिशा-निर्देशों में बदलाव और नर्सरी कक्षा में स्कूल मैनेजमेंट के 20 प्रतिशत कोटे को खत्म करने के बाद अब यह मामला हाई कोर्ट में पहुंच गया है, जिस पर सुनवाई हो रही है। सुनवाई खत्म होने के बाद ही तय हो पाएगा कि नर्सरी दाखिला प्रक्रिया राजधानी में किस तिथि से शुरू की जाए। 

 


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