हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों को अंतरिम राहत देने से किया इंकार

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Friday, January 10, 2014-6:26 PM

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने नर्सरी में दाखिले के दिशानिर्देशों को लेकर आज बिना सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इन स्कूलों ने नर्सरी में दाखिले के दिशानिर्देशों से जुड़ी अधिसूचना रद्द करने की मांग की थी।

दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशालय (डीओई) को नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई करने की जरूरत है और पहले ही दिन इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। गैर सहायता वाले मान्यताप्राप्त निजी स्कूलों की कार्रवाई समिति की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील एनके कौल ने दिल्ली सरकार की अधिसूचना को मनमानी कार्रवाई बताते हुए कहा कि कम से कम वर्तमान समय के लिए अधिसूचना के कार्यान्वयन पर रोक लगाई जा सकती है।

अदालत ने अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और मामले की अंतिम सुनवाई 11 मार्च तय कर दी। अदालत ने साथ ही दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशालय को तीन हफ्तों के भीतर अपने जवाब सौंपने का निर्देश दे दिया है। नर्सरी में दाखिले के लिए उप राज्यपाल द्वारा जारी दिशानिर्देशों को चुनौती देने के लिए यह याचिका दायर की गई थी।

इन दिशानिर्देशों मेें स्कूल के पड़ोस में रहने वाले बच्चों को वरीयता देने और 20 प्रतिशत प्रबंधन कोटा खत्म करने जैसे कई उपाय शामिल हैं। याचिका में कहा गया कि दिशानिर्देश स्वायत्तता के सिद्धांत के खिलाफ हैं और केंद्र सरकार गैर सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को यह अधिकार देती है कि वह अपनी 75 प्रतिशत सीटों के लिए दाखिले को लेकर अपनी खुद के मापदंड तय कर सकें।


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