मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे शर्मनाक : राज बब्बर

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Friday, January 10, 2014-6:35 PM

नई दिल्ली : फिल्म अभिनेता और सांसद राज बब्बर ने कहा है कि मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे एक शर्मनाक एपिसोड हैं। इन दंगों से सौहार्द की भावना कमजोर हुई है और नफरत बढ़ी है। राज बब्बर दिल्ली स्थित आल इंडिया फाइन आट्र्स एंड क्राफ्ट सोसायटी में एक फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन के दौरान ये बातें कही।

फोटो प्रदर्शनी में मुजफ्फरनगर के प्रेस फोटोग्राफर भूषणपाल भास्कर द्वारा खींचे गए चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। ये प्रदर्शनी शुक्रवार तक चलेगी। प्रदर्शनी में हालांकि सभी प्रकार के फोटो प्रदर्शित किए गए हैं लेकिन इसका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हिस्सा वो है जिसमें मुजफ्फरनगर के दंगों की विभिषिका को दर्शाया गया है। कुछ ऐसे चित्र भी इस फोटो प्रदर्शनी में लगाए गए हैं जो अपने विभत्स रूप के कारण मीडिया में नहीं छप सके।

फोटो प्रदर्शनी में मुजफ्फरनगर के दंगों के वास्तविक घटनाक्रम के सिलसिलेवार चित्र लगाए गए हैं। जहां इसमें पहले दिन हुई हत्या की घटनाओं के दिल को हिला देने वाले फोटो हैं वहीं दंगों के बाद चल रहे शरणार्थी शिविरों का दर्द भी इसमें दिखलाने का प्रयास किया गया है। इसका उद्घाटन राजबब्बर और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विपुल माहेश्वरी ने संयुक्त रूप से किया।

राजबब्बर ने कहा कि सभी फोटो हाल ए बयान करने के लिए पर्याप्त हैं लेकिन उनका दिल ईश्वर से यही कामना करता है कि फिर कभी ऐसा दिन न आए कि प्रेस फोटोग्राफर्स को ऐसे दृश्य अपने कैमरे में कैद करने पड़ें जिसमें इंसान ही इंसान के लहू का प्यासा नजर आ रहा हो।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के दंगे एक काला अध्याय हैं और इनसे सबक लेने की जरूरत है नहीं तो आने वाली पीढिय़ां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने इन दंगों को लेकर यूपी सरकार की भूमिका की भी आलोचना की। इस अवसर पर फोटोग्राफर भूषणपाल से अलावा आंदोलनकारी मा. विजय सिंह, पत्रकार विकास मिश्रा, मनोज कुमार झा, अभिषेक चौधरी, सुरेशपाल, ओ. पी. पाल, मनोज वाधवा, योगेश आदि भी मौजूद रहे।
 


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