अमेरिकी राजनयिक को भारत छोडने को कहा, देवयानी भारत लौटीं

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Saturday, January 11, 2014-1:25 AM

नई दिल्लीः भारत ने न्यूयार्क मे पदस्थ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरगडे को अमेरिका से वापस भेजे जाने पर जवाबी कार्रवाई करते हुए यहां स्थित अमेरिकी मिशन मे तैनात एक समकक्ष राजनयिक को आज भारत छोडने को कह दिया। इस बीच न्यूयार्क से गुरुवार को रवाना हुई खोबरगडे आज रात नई दिल्ली पहुंच गई। देवयानी खोबरागड़े का अपने परिजनों से भावुक मिलन हुआ।

देवयानी के पिता उत्तम खोबरागड़े ने कहा कि देवयानी को लेकर यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात करीब पौने दस बजे आई और वह 10 बजकर 40 मिनट पर टर्मिनल से बाहर आई। उन्होंने कहा कि वह अवसाद का शिकार नहीं है। वह ठीक है। देवयानी के हवाई अड्डे पर उतरने पर विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी मौजूद थे।

बहरहाल, अमेरिकी सरकार ने देवयानी की संयुक्त राष्ट्र की मान्यता मंजूर कर ली जिससे उन्हें पूरी कूटनीतिक छूट मिलेगी। वीजा धोखाधड़ी मामले में 12 दिसंबर को गिरफ्तारी के वक्त देवयानी न्यूयॉर्क में डिप्टी-कौंसल जनरल के पद पर तैनात थीं और इस वजह से उन्हें सीमित कूटनीतिक छूट मिली थी।

‘जैसे को तैसा’ की नीति के तहत की गयी भारत की यह कार्रवाई किसी अमेरिकी राजनयिक को देश से निकालने की मात्र दूसरी घटना है। इससे पहले, करीब 33 साल पूर्व तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार जॉर्ज ग्रिफिन को भारत से निकाला गया था। दरअसल, अमेरिका ने उस वक्त भारतीय राजनयिक प्रभाकर मेनन को अपने देश से निकाल दिया था जिसके बदले में कार्रवाई करते हुए भारत ने भी जॉर्ज ग्रिफिन को निष्कासित कर दिया था।

‘निष्कासन’’ शब्द के इस्तेमाल से परहेज करते हुए आधिकारिक सूत्रों ने यहां कहा कि अमेरिकी दूतावास से कहा गया है कि वह देवयानी की रैंक के अपने एक राजनयिक को ‘‘हटा लें’’ क्योंकि सरकार के पास ऐसा मानने की वजह है कि वह राजनयिक देवयानी मामले से जुड़ी प्रक्रियाओं और उसके बाद अमेरिका की ओर से की गयी एकतरफा कार्रवाइयों में शामिल रहा है। हालांकि, सूत्रों ने उस अमेरिकी राजनयिक के नाम का खुलासा नहीं किया।

माना जा रहा है कि यह राजनयिक देवयानी की फरार घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड के परिवार को भारत से ‘‘उठाकर ले जाने’’ के मामले में शामिल रहा है। इससे पहले, नाटकीय घटनाक्रमों के दिन न्यूयॉर्क की एक ग्रैंड ज्यूरी ने देवयानी पर वीजा धोखाधड़ी और गलतबयानी करने के मामले में आरोप तय किए। हालांकि, पूरी कूटनीतिक छूट के बाद वह भारत के लिए रवाना हो गयी हैं। जिला जज शाइरा शेंडलिन को लिखे पत्र में अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा ने कहा कि 39 साल की देवयानी के खिलाफ आरोप कायम रहेंगे और यदि वह बिना कूटनीतिक संरक्षण के वापस अमेरिका आती हैं तो उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया था कि देवयानी की कूटनीतिक छूट खत्म कर दी जाए पर भारत द्वारा अमेरिका का यह अनुरोध न मानने पर देवयानी को अमेरिका से जाने को कहा गया। भरारा ने कहा कि ग्रैंड ज्यूरी ने देवयानी की घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड के वीजा आवेदन के मामले में भारतीय राजनयिक पर वीजा धोखाधड़ी और गलतबयानी के आरोप तय किए। भारत-अमेरिका मुख्यालय समझौते के तहत देवयानी को 8 जनवरी को पूरी कूटनीतिक छूट दी गयी थी। भारत ने 9 जनवरी को अमेरिका का वह अनुरोध ठुकरा दिया था जिसमें देवयानी की कूटनीतिक छूट खत्म करने की मांग की गयी थी।

देवयानी को 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 250,000 अमेरिकी डॉलर के बांड पर रिहा किया गया था। गिरफ्तारी के बाद कपड़े उतारकर देवयानी की तलाशी ली गयी थी और उन्हें नशेड़ियों के साथ रखा गया था जिससे भारत और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ गई। (एजेंसी)


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