सुप्रीम कोर्ट के एक और जज पर लगा यौन शोषण का आरोप

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Saturday, January 11, 2014-12:39 AM

नई दिल्ली। जस्टिस अशोक गांगुली पर यौन शोषण का आरोप लगने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के एक और जज पर यौन शोषण का आरोप लगा है। इस जज पर भी एक लॉ इंटर्न ने ही आरोप लगाया है।

इस जज पर भी आरोप लगाने वाली लॉ इंटर्न नेशनल इंस्टीट्यूट ऑर्फ यूडिशियल साइंस, कोलकाता की ही पूर्व छात्रा है। सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ  दिसंबर 2013 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जज के व्यवहार से परेशान होकर इंटर्न ने बीच में ही इंटर्नशिप छोड़ दी थी। मई 2011 में पीडिता ने जज के ऑफिस में इंटर्नशिप शुरू की थी।

यह केस जस्टिस गांगुली केस से थोड़ा अलग है। क्योंकि गांगुली ने लॉ इंटर्न का जब यौन शोषण किया था तब वे सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे। लेकिन अब जिस जज पर यौन शोषण का आरोप लगा है उस वक्त वे सुप्रीम कोर्ट में जज थे और पीडिता आधिकारिक तौर पर उनके ऑफिस में इंटर्नशिप कर रही थी।

मई 2011 में इस न्यायाधीश के साथ आधिकारिक रूप से इंटर्नशिप करने वाली महिला ने हाल में उच्चतम न्यायालय में हलफनामे के साथ एक शिकायत दायर करके उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि न्यायालय ने न्यायमूर्ति एके गांगुली के मामले में पांच दिसंबर 2013 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए इस विषय पर गौर करने से इंकार कर दिया था। न्यायाधीशों की बैठक में स्पष्ट किया गया था कि इस न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों के खिलाफ पेश आवेदन उच्चतम न्यायालय के प्रशासन द्वारा स्वीकार्य योग्य नहीं हैं।

पूर्व न्यायाधीश एके गांगुली के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अभियान का नेतृृत्व करने वाली अतिरिक्त सालिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह दूसरी इंटर्न के भी समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मेरा स्पष्ट मत है कि कार्रवाई होनी चाहिए और आरोपी तत्कालीन न्यायाधीश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच की जानी चाहिए।

शिकायत में लॉ इंटर्न ने बताई अपनी व्यथा:
सूत्रों का कहना है कि लॉ इंटर्न ने शिकायत में कहा है कि जज ने अपने निवास पर उस पर तीन बार यौन हमला किया। दो बार शारीरिक तौर पर और एक बार मौखिक रूप से। इंटर्न ने कहा, मैं मई 2011 में बतौर इंटर्न जज से जुड़ी। एक मौके पर जज ने मेरी पीठ के निचले हिस्से पर हाथ रखा।

इस वजह से मैं काफी असहज हो गई थी और मैंने जज का हाथ हटा दिया। जज ने मुझसे एक बार पूछा कि क्या मैं उनके साथ यात्रा करने को तैयार हूं। होटल के कमरे में रुकने को तैयार हूं। इंटर्न का कहना है कि मैं कुछ कह नहीं पाई और काफी असमंजस में थी। उसने बताया कि 28 मई 2011 को जज ने अपने दाहिना हाथों से मुझे घेरा और मेरे बाएं कंधे पर किस किया। 29 मई 2011 को मैं जज को कह दिया कि मैं उनके साथ आगे इंटर्न के रूप में आगे काम नहीं कर सकती।


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