मध्‍य प्रदेश में भी एंटी करप्‍शन हेल्‍पलाइन जारी

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Saturday, January 11, 2014-5:17 PM

भोपाल: दिल्ली में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के मंत्रियों की कार्यशैली का असर मध्य प्रदेश में नजर आने लगा है। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार आप के नक्शे-कदम पर चलते हुए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया और खुद शुक्रवार को कई दफ्तरों का  आकस्मिक निरीक्षण किया तथा सड़क निर्माण की गुणवत्ता को जानने के लिए एक सड़क की खुदाई भी करवाई। मुख्यमंत्री शिवराज ने भ्रष्टाचार की शिकायतें करने के लिए हेल्पलाइन नंबर ‘9009133322’ जारी किया और लोगों से इस नंबर पर सुझाव भी मांगे। 

वहीं, शिवराज सिंह चौहान कल राजधानी भोपाल की सड़कों पर नजर आए। मुख्यमंत्री ने न केवल सड़क खोदकर उसकी गुणवत्ता जांची, बल्कि वह विभिन्न सरकारी दफ्तरों में पहुंचे एवं वहां सरकारी फाइलों की परख की। आधिकारिक तौर पर आज यहां बताया गया कि मुख्यमंत्री चौहान कल भोपाल के औचक निरीक्षण पर निकले। यहां तक कि भोपाल कलेक्टर निशांत बरवड़े को भी पता नहीं था कि जाना कहां है। देश भर में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर रोक है। सरकारी दफ्तरों में भी यह प्रतिबंध अधिक कड़ाई से लागू है।

चौहान कल जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) के संयुक्त संचालक वी पी कुलश्रेष्ठ के कमरे में अचानक पहुंचे, तो उन्हें कुलश्रेष्ठ धूम्रपान करते नजर आए। चौहान के निर्देश पर कलेक्टर बरवड़े ने कुलश्रेष्ठ पर धूम्रपान प्रतिबंध कानून के तहत 200 रुपए का जुर्माना लगा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री भोपाल शहर के विकास के औचक निरीक्षण पर निकल पड़े। सबसे पहले उनका काफिला कोलार नगर पालिका पहुंचा और पहली बार मुख्यमंत्री के काफिले के लिए यातायात रोका नहीं गया। उनके काफिले का अंदाज दूसरे दिनों से जुदा था। काफिले के साथ आम लोगों की गाडिय़ां भी चल रही थीं।

कोलार नगर पालिका कार्यालय में मुख्यमंत्री ने भवन की अनुमति संबंधी ‘भवन अनुज्ञा’ की फाइलें तलब कीं। उन्हें प्रेमनारायण सिंह लोधी नामक नागरिक की शिकायत मिली थी कि उनकी भवन अनुज्ञा फाइल अफसरों ने दो माह से रोक रखी है और उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है। फाइल देखकर उन्होंने अफसरों पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि लोधी को अब तक भवन अनुज्ञा क्यों नहीं दी गई, जबकि फाइल पूरी है। उन्हें तत्काल फोन कर इसकी सूचना दी जाए। मुख्यमंत्री के अचानक हुए इस दौरे से नगर पालिका के अफसर घबरा गए। इस पर चौहान ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, बेवजह किसी पर कार्रवाई नहीं होगी। यहां उन्होंने लोक सेवा केन्द्र का निरीक्षण भी किया।  चौहान ने इस अवसर पर एक आवेदक गोपाल राव की फाइल देखकर उन्हें फोन लगाकर पूछा, ‘‘आपको भवन अनुज्ञा कितने दिनों में मिली है, कोई स्टॉफ पैसे तो नहीं मांगता।’’

शाहपुरा से मंत्रालय जाने के दौरान मुख्यमंत्री पत्रकार कॉलोनी में नई बनी सड़क को देखकर रुक गए। यहां एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत डामरीकरण हुआ था। उनके निर्देश पर तुरंत सड़क के मटेरियल की जांच कराई गई। गेंती से सड़क को खोदा गया, जिसमें सड़क की मोटाई 6 सेन्टीमीटर मिली। यह मानक के आधार पर ठीक थी। उन्होंने डामर की गुणवत्ता परख कर दो घंटे बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए और फिर  मंत्रालय के लिए रवाना हो गए।
 


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