लोगों की उम्मीदें 10 गुना हो गई हैं: अरविंद केजरीवाल

  • लोगों की उम्मीदें 10 गुना हो गई हैं: अरविंद केजरीवाल
You Are HereNational
Saturday, January 11, 2014-4:38 PM

नई दिल्ली: ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) सरकार के पहले ‘जनता दरबार’ में हुई अव्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यहां कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए उन्हें बीच में ही बैठक छोड़ कर उठना पड़ा। मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि बैठक के लिए किए गए प्रबंध पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने कहा ‘‘हमें इंतजाम और दुरूस्त करने होंगे। अगर मैं वहां से नहीं हटता तो भगदड़ हो सकती थी। हर कोई मुझसे मिलना चाहता था। हमें व्यवस्था दुरूस्त करनी होगी ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न आए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘हम व्यवस्था में सुधार करेंगे। मैं अधिकारियों के साथ बैठ कर आवश्यक प्रबंध करूंगा’’  दिल्ली सचिवालय के बाहर जनता से मुलाकात के दौरान जब भीड़ बेकाबू हो गई तो पुलिस कर्मी मुख्यमंत्री को उनके कार्यालय ले गए। कुछ ही देर बाद केजरीवाल वापस आए और लोगों से वापस जाने को कहा।

केजरीवाल ने जनता दरबार में लोगों से व्यवस्थित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है इस मसले पर हम अफसरों के साथ बैठकर बात करेंग। वहीं उन्होनें बताया कि दिल्ली में जनता दरबार की जगह बदली जा सकती है। हम अगली बारी में इंतजाम बेहतर करेंगे। लोगों की उम्मीदें 10 गुना हो गई हैं।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय की चहारदीवारी पर खड़े हो कर भीड़ से कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान अगली बैठक में होगा। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए इन्द्रप्रस्थ एक्सटेंशन में हुई बैठक में दिल्ली सरकार का पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था। यह बैठक केजरीवाल ने आम लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याएं हल करने के लिए बुलाई थी। आयोजन स्थल पर सुबह 9 बजे से ही हजारों लोग एकत्र हो गए थे।  सचिवालय के बाहर सड़क के किनारे तथा आसपास की सड़कों पर पुलिस ने अवरोधक लगा रखे थे लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई और आयोजन स्थल पर अव्यवस्था फैल गई। दो दिन पहले ही केजरीवाल ने घोषणा की थी कि उनका पूरा मंत्रिमंडल लोगों की समस्याओं के हल के लिए सचिवालय के बाहर बैठेगा।

 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You