फेसबुक व ट्विटर के प्लेटफार्म पर दौड़ेगा संघ

  • फेसबुक व ट्विटर के प्लेटफार्म पर दौड़ेगा संघ
You Are HereNational
Saturday, January 11, 2014-1:57 PM

नई दिल्ली : कश्मीर, मुसलमानों से जुड़े विषयों, चीन और बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों एवं अपनी सामाजिक गतिविधियों के बारे में देश-दुनिया के लोगों को रू-ब-रू कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोगों से फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से जुडऩे की पहल की है।

संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि संगठन के लोगों को कश्मीर, मुसलमानों से जुड़े विषयों, अनुच्छेद 370, चीन और बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों एवं अपनी सामाजिक गतिविधियों के बारे में बताना चाहता है। इसके लिए सोशल मीडिया महत्वपूर्ण जरिया है। संघ ने लोगों से अपने विचारों, कार्यों और गतिविधियों के बारे में सावधानीपूर्वक अध्ययन करने और जहां तक संभव हो, इसे फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर साझा करने का आग्रह किया है।

संघ का मानना है कि सोशल मीडिया युवाओं में पैंठ बनाने का सबसे सशक्त माध्यम के रूप में उभरा है। संघ ने इस पहल में अपने विचारों से इत्तेफाक नहीं रखने वाले लोगों को भी जोडऩे का इरादा किया है।पदाधिकारी ने कहा कि जो लोग हमारे विचारों से सहमत नहीं हैं, वे हमारे लेख और वीडियो का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें और फिर इन्हें शेयर करने के बारे में फैसला करें।

उन्होंने कहा कि यह गलत बात फैलायी जा रही है कि संघ मुस्लिम विरोधी हैै क्योंकि संगठन से जुड़ा राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा है जिसमें काफी संख्या में मुस्लिम सदस्य हैं। संघ में प्रवेश की अपनी एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है।हालांकि हम विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से लोगों को जोडऩे का प्रयास करते हैं। पदाधिकारी ने कहा कि इसके तहत हमने इंटरनैट, वैबसाइट पर ‘ज्वायन आर.एस.एस.’ अभियान शुरू किया है।

साथ ही कई लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, ट्विटर के माध्यम से इसमें लगे हुए हैं। हैदराबाद में आर.एस.एस. की अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के इन विषयों पर चर्चा होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई प्रदेशों में संघ का विस्तार कार्य चल रहा है और केरल एवं पूर्वोत्तर राज्यों में हमें अच्छी सफलता मिली है। राजस्थान और असम में शाखा का काफी विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि देश में आर.एस.एस. की 40 हजार शाखाएं हैं।हर साल संघ कक्षा वर्ग एवं शाखाओं के माध्यम से 70 हजार तरुण जुड़ रहे हैं और यह तब हो रहा है जब हमने संघ में प्रवेश की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है। हैदराबाद बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों  के प्रांत प्रचारकों ने रिपोर्ट पेश कर आगे की रूपरेखा पर चर्चा की। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You