एम्स आईसीयू में बिना वर्दी के स्टाफ

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Saturday, January 11, 2014-2:22 PM

नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स)में सुरक्षा के आले दर्जे का होने का दावा किया जाता है,लेकिन खुद संस्थान के ही कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर इसकी सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर एम्स में डॉक्टर समेत सभी कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी में होने का सख्त निर्देश जारी है।

यहां तक कि सफाईकर्मियों के लिए भी ड्रेस कोड लागू है,बावजूद इसके संस्थान के कुछ डॉक्टर,पैरामेडिकल स्टाफ एवं सफाईकर्मी ड्यूटी के दौरान बिना वर्दी के ही देखे जा रहे हैं। सामान्य वार्ड में तो थोड़ी देर के लिए इसे नजरअंदाज भी किया जा सकता है,लेकिन सबसे सुरक्षित एचडीसीयू एवं आईसीयू तक में कर्मचारी बिना वर्दी के ही पहुंच जाते हैं। इससे यह पता नहीं चल पाता है कि कौन मरीज का तिमारदार है और कौन कर्मचारी।

विभाग ने लापरवाह कर्मचारियो को सस्पेंड करने की दी चेतावनी:अस्पताल के एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सुरक्षा मामले में कोई चूक न हो, इसके लिए एम्स में खास ध्यान दिया जाता है। इसलिए हर कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित है और उन्हें ड्यूटी के दौरान अपना ड्रेस पहनने की सख्त हिदायत दी है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो कोई भी व्यक्ति सबसे सुरक्षित जोन में भी स्टाफ के नाम पर आई.सी.यू. में घुस  सकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से संबंधित विभाग से शिकायतें मिल रही थीं कि वहां कुछ जूनियर रेजिडेंट्स,पैरामेडिकल स्टाफ एवं सफाई कर्मचारी बिना वर्दी के ही वार्ड में रहते हैं। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को सबक सिखाने के लिए उन्हें उनकी दिन की हाजिरी काटने समेत सस्पेंड करने तक की चेतावनी दी गई है। बार-बार लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया जा सकता है।
 


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