उत्तराखण्ड, बिहार व मध्य प्रदेश में ‘आप’ की सक्रिय हुईं कमेटियां

  • उत्तराखण्ड, बिहार व मध्य प्रदेश में ‘आप’ की सक्रिय हुईं कमेटियां
You Are HereNational
Saturday, January 11, 2014-6:41 PM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा): आम चुनाव की तारीख का ऐलान होने में अभी काफी समय है लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार सफलता हासिल करने के बाद देश के अन्य प्रांतों में आम आदमी पार्टी को मिल रहे जन-समर्थन को देखते हुए आप के नेताओं ने अभी से जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

नेताओं के बीच इस बात की चर्चा है कि सभी राज्यों में खड़े किए जाने वाले उम्मीदवारों का चयन राज्य स्तर पर आप की कमेटी द्वारा वहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार आप के नेताओं ने हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार तथा अन्य कई प्रदेशों में ईमानदार छवि के उम्मीदवारों की खोज का काम शुरू कर रखा है।

वैसे तो लोग अब खुद ही आप के नेताओं से सम्पर्क कर रहे हैं, लेकिन उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में काफी सतर्कता बरती जा रही है। हरियाणा में यह काम पिछले कई दिनों से चल रहा है। अब उत्तर-प्रदेश में भी यही कसरत शुरू हो गई है।

उत्तराखण्ड, बिहार और मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है। याद रहे कि पिछले दिनों आप के नेता योगेन्द्र यादव ने यह घोषणा की थी कि लोकसभा चुनाव में आप के प्रत्याशियों की पहली सूची एक पखवाड़े में घोषित कर दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ के संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में आम आदमी पार्टी को खासा समर्थन मिल रहा है। वहां तो काफी लोग अपने यहां कार्यालय खोलने पर जोर दे रहे हैं। इस बात को लेकर आप के नेता भी पसोपेश में हैं कि किसके यहां पार्टी का कार्यालय खोला जाए और किसे मना किया जाए।

फिलहाल प्रो. आनन्द कुमार गाजियाबाद जाकर पार्टी का प्रचार एवं प्रसार का काम देखने के साथ ही चुनाव में उतारे जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नामों की सूची तैयार करने में जुटे हैं। इसी तरह से उत्तराखण्ड में आप के नेताओं की एक टीम काम कर रही है, वहां भी आप को उम्मीद से अधिक समर्थन मिलता दिख रहा है। हरियाणा की 10 सीटों पर खड़े किए जाने प्रत्याशियों की तैयारी का काम भी तेजी से चल रहा है।

आप के वरिष्ठ नेता योगेन्द्र यादव वहीं ठहरकर इस काम को अंजाम दे रहे हैं। इसी तरह से बिहार की 54 लोकसभा सीटों पर उतारे जाने वाले आप के प्रत्याशियों की सूची तैयार करने का काम फिलहाल अजित झा ने संभाला हुआ है। आप के नेताओं की यह आम राय है कि राज्यों में उम्मीदवार तय करने के लिए किसी भी संभावित प्रत्याशी को दिल्ली में नहीं बुलाकर वहीं उनका चयन किया जाए।

इसकी वजह यह है कि दिल्ली कार्यालय में बैठने के लिए ज्यादा स्थान नहीं है। वैसे भी जब कभी कोई नेता दिल्ली आता है, तो उसके साथ काफी समर्थक भी दिल्ली आते हैं। ऐसा होने से उम्मीदवार का खर्चा तो बढ़ता ही है, आने-जाने में समय भी खराब होता है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You