‘जनता दरबार’ के लिए योजना बनाने की जरूरत: दिल्ली पुलिस

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Saturday, January 11, 2014-8:07 PM

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के जनता दरबार में उम्मीद से अधिक लोगों  के पहुंच जाने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बीच दिल्ली पुलिस ने आज कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही प्रशासन द्वारा बेहतर योजना बनाने की भी जरूरत है।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उम्मीद से अधिक संख्या में लोगों के वहां इकठ्ठा होने से अफरा तफरी मच गई थी। अब केवल पुलिस ही नहीं प्रशासन के स्तर पर भी बेहतर योजना बनाने की जरूरत है। लोगों को उनके विषयानुसार, क्षेत्रानुसार, मंत्रालय के अनुसार बुलाया जाए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के सचिवालय में आयोजित जनता दरबार में सशस्त्र सीमा बल के 400-500 जवानों के अतिरिक्त 500 दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे। हम और सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर सकते है लेकिन इससे जनता दरबार का वास्तविक उद्देश्य खत्म हो जाएगा। इसके चलते आम आदमी मुख्यमंत्री या संबधित मंत्री से नहीं मिल सकेंगे।

पुलिस अधिकारी के अनुसार स्थिति नियंत्रण के बाहर तब हो गई जब कुछ यूनियनों और संगठनों के समूह नेताओं से मिलने पहुंच गए। हालांकि इस तरह के आयोजनों में अन्य जगहों से अपने काम का हल पाने में निराश व्यक्ति अथवा वरिष्ठ नागरिक या निशक्त व्यक्ति ही आते हैं।

आप सरकार के दिल्ली सचिवालय के बाहर आज आयोजित बहुचर्चित पहले जनता दरबार में अफरा- तफरी एवं कुप्रबंधन देखने को मिला। इसके चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीच में ही वहां से जाने को मजबूर होना पड़ा। सैकड़ों की तादात में वहां पहुंचे लोगों के बीच अपनी समस्याओं को पंजीकृत कराने के लिए होड़ लग गई।

केजरीवाल ने बाद में स्वीकार किया कि वह यदि बैठक को बीच में ही छोड़कर नहीं आए होते तो वहां भगदड़ मच सकती थी। उन्होंने वायदा किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति को रोकने के लिए व्यवस्था को दुरूस्त किया जाएगा।
 


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