मुलाकात नहीं हुई तो क्या हुआ...

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Sunday, January 12, 2014-1:55 PM

नई दिल्ली: जनता दरबार के मात्र 17 मिनट में ही खत्म हो जाने पर जो लोग मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उनके मंत्रियों के पास जाकर अपनी शिकायत नहीं सुना सके, वे मायूस नहीं थे। उनका कहना था कि अगली बार आकर मिल लेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री की पहल पर एक अच्छी शुरूआत तो हुई है। वहां पहुंचे लोगों का कहना था कि जनता को भी थोड़ा संयम बरतना चाहिए।

पश्चिम विहार एक ब्लाक निवासी सेवानिवृत्त मेजर नरेन्द्र सिंह सोढ़ी ने बताया कि वह अपने इलाके में बिल्डर माफिया की करतूतों को उजागर करने और शीला सरकार की लापरवाही के खिलाफ जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल और शहरी विकास मंत्री मनीष सिसोदिया से मिलने आए थे, लेकिन नहीं मिल सके।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के शहरी विकास मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने वादा किया था कि चौथी मंजिल पर निर्माण के लिए नोटिफिकेशन जल्द ही जारी कर दिया जाएगा, लेकिन कुछ नहीं होने से जनता दुखी है। मेजर सोढ़ी ने दृढ़ता के साथ कहा कि पिछली सरकार के मंत्री तो केवल शीशों के कमरों में बैठे रहते थे, लेकिन आप की सरकार ने सड़क पर आकर जनता से मिलने की पहल तो की है। उन्होंने कहा कि बेशक आज मैं मुलाकात करने में सफल नहीं हो सका लेकिन मुझे कोई दुख नहीं है। अगली बार आकर मिल लूंगा।

गांधी नगर निवासी सुदर्शना शर्मा ने बताया कि उनके इलाके का एक व्यक्ति शशिकांत ने चिट फंड कंपनी की आड़ में 150 लोगों के करीब 2 करोड़ रुपए का गबन कर लिया है। कृष्णा नगर पुलिस ने मामला दर्ज तक नहीं किया है। वह मुख्यमंत्री से शिकायत कर न्याय के लिए आई थी, लेकिन उनसे नहीं मिल सकी। इस महिला का कहना था कि मुख्यमंत्री से बेशक मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन कोई बात नहीं, अगले सप्ताह उनसे मुलाकात कर न्याय की गुहार करेंगी।

पुरानी दिल्ली के सदर बाजार निवासी रमेश ने बताया कि मैं यहां मुख्यमंत्री को पानी के अत्यधिक बिल के बारे में बताने आया था, लेकिन अपना मामला पेश ही नहीं कर सका। अगली बार लगने वाले जनता  दरबार में उनसे आकर मिलूंगा। भीड़ में मुख्य रूप से डी.टी.सी., बिजली कंपनी बी.एस.ई.एस., विभिन्न सरकारी अस्पतालों, नगर निगमों समेत अन्य सरकारी विभागों में अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी भी थे। ये कर्मचारी भी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं सके, लेकिन उनकी मांग को मुख्यमंत्री समझ गए हैं। अगले सप्ताह फिर से आकर उनसे मिल लेंगे। आम विकलांग मंच के बैनर तले काफी विकलांग मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सुबह से ही वहां पहुंच गए थे।


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