एक ही दिन जारी होगी सभी स्कूलों की दाखिला सूची

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Sunday, January 12, 2014-3:17 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): शैक्षणिक सत्र 2014-15 के लिए शुरू होने वाली नर्सरी दाखिला प्रक्रिया नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही होगी। दिल्ली के सभी निजी स्कूलों को अब एक ही तिथि पर पहली, दूसरी और तीसरी दाखिला सूची जारी करनी होगी। इससे पहले अलग-अलग स्कूल अपनी मर्जी के मुताबिक अपनी दाखिला सूची जारी किया करते थे।

दिल्ली के उप राज्यपाल डॉ. नजीब जंग द्वारा पिछले साल 18 दिसम्बर को नर्सरी दाखिले के पुराने दिशा-निर्देशों में किए गए बदलाव को हाईकोर्ट ने सही ठहराते हुए नए दिशा-निर्देशों के तहत ही इस साल दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। दाखिला प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू हो जाएगी और 31 जनवरी तक फॉर्म स्कूलों में जमा होंगे।

राजधानी के ज्यादातर स्कूल प्रबंधन नर्सरी दाखिला प्रक्रिया मामले में हाईकोर्ट के रुख से निराश हैं। हालांकि इस साल भी स्कूल नर्सरी दाखिले के लिए सौ प्वाइंट सिस्टम का फॉर्मूला बनाकर दाखिले करेंगे। सौ प्वाइंट सिस्टम में अलग-अलग श्रेणियां होंगी, जिनके लिए अलग-अलग अंक तय किए जाएंगे। सौ प्वाइंट सिस्टम में सबसे अधिक अंक दूरी श्रेणी के होंगे।

नए दिशा-निर्देशों के तहत इस बार दूरी श्रेणी के दायरे को 6 किलोमीटर से बढ़ाकर 8 किलोमीटर कर दिया गया है। यानी अब जो बच्चा स्कूल के 8 किलोमीटर के दायरे में रहता होगा उसे सौ प्वाइंट सिस्टम में 70 अंक मिलने तय है। इससे पहले पुराने दिशा-निर्देशों के अनुसार दूरी श्रेणी का दायरा 6 किलोमीटर होता था और जो छात्र स्कूल के 0 से एक किलोमीटर के दायरे के भीतर रहता था उसे ही 70 अंक दिए जाते थे।

इसी हिसाब से 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को 60 अंक मिलते थे। जो छात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर रहता था उसे 20 से 30 अंक दिए जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।  अब 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले सभी छात्रों को 70 अंक मिलेंगे। सौ प्वाइंट सिस्टम में स्कूल सिबलिंग, एलुम्नी, ट्रांसफर और दूरी श्रेणी के लिए अलग-अलग अंक तय करते हैं।

नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब नर्सरी कक्षा में स्कूल मैनेजमैंट कोटे की 20 फीसदी सीटों के कोटे को खत्म कर दिया गया है जिससे स्कूल प्रबंधन सहित तमाम पब्लिक स्कूल मैनेजमैंट एसोसिएशन में निराशा छा गई है। इसी स्कूल मैनेजमैंट कोटे की 20 प्रतिशत सीटों पर स्कूल प्रबंधन पर्दे के पीछे डोनेशन लेकर करोड़ों रुपए की काली कमाई करते थे।

इस कोटे के खत्म हो जाने से अब पर्दे के पीछे डोनेशन देकर दाखिला देने का चलने वाला खेल खत्म हो जाएगा और नर्सरी कक्षा में सामान्य कोटे की सीटों का आंकड़ा बढ़कर 75 फीसदी हो गया है। अब 75 फीसदी सीटों पर सामान्य कोटे के अभिभावक दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे और 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (ई.डब्ल्यू.एस.) कोटे के बच्चों के दाखिले होंगे। स्कूल मैनेजमैंट कोटा खत्म होने से नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में पहले के मुकाबले पारदर्शिता भी बढ़ जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं निजी स्कूल
 नर्सरी दाखिले को लेकर निजी स्कूलों को दिल्ली हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। राहत नहीं मिलने से तिलमिलाए स्कूल प्रबंधन अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयार में है। होईकोर्ट की सिंगल बैंच ने शुक्रवार को निजी स्कूलों की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस साल उप राज्यपाल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही दाखिला होगा। इसी मामले पर सोमवार को हाईकोर्ट में डबल बैंच की सुनवाई होनी है। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष आर.सी. जैन ने बताया कि अगर डबल बैंच से भी स्कूलों को किसी तरह की कोई राहत नहीं मिलती है तो सुप्रीम कोर्ट में स्कूल एसोसिएशन अपनी गुहार लगाएंगे।


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