चुनावी न्यासों से राजनीतिक दलों को ‘चंदे’ की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी: पायलट

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Sunday, January 12, 2014-4:33 PM

नई दिल्ली: राजनीतिक दलों को कारपोरेट जगत से मिलने वाले चंदे की प्रक्रिया को ‘चुनावी न्यास’ के ढांचे से अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। कारपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि इसके अलावा इससे चुनाव में इस्तेमाल होने वाले धन के स्रोत की वैधता भी स्थापित करने में मदद मिलेगी। पायलट ने इसे सही दिशा में सही कदम करार देते हुए कहा कि इस नए ढांचे से  से राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में इस्तेमाल किए जाने वाले धन के स्रोत के मुद्दे का एक हद तक जवाब देने में मदद मिलेगी।

 

पायलट ने कहा, ‘‘इससे अधिक पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी और इससे दलों व कंपनियों को अधिक पारदर्शी होने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे राजनीतिक चंदे के स्रोत के बारे में अधिक जानकारी उलब्ध होगी और उसकी वैधता स्थापित करने में मदद मिलेगी।’’ गौरतलब है कि ‘चुनावी न्यास’ के नियमों के तहत राजनीतिक दलों को चंदा देने की इच्छुक कंपनियां और इकाइयों को गैर लाभकारी कंपनियों के रप में न्याय का गठन करना होगा।

 

ऐसी हर कंपनी के नाम में चुनावी न्यास या इलेक्टोरल ट्रस्ट शब्द युग्म जुड़ा होगा। इन इकाइयों के जरिये राजनीतिक दलों को चुनावी चंदा देने पर कुछ कर छूट भी मिलेगी। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कम से कम छह प्रमुख कारपोरेट समूहों ने पहले ही इस तरह के चुनावी न्यास की स्थापना कर ली है।


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