'हम नहीं AAP सरकार कर रही है नकल'

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Monday, January 13, 2014-10:37 AM

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव में 200 में से 163 सीटों पर ऐतिहासिक जीत के साथ सत्तासीन वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने आम आदमी की तर्ज पर चलते हुए साठ दिन की कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सरकारी वाहन की बजाय अपना निजी वाहन उपयोग में लेने, काफिले में आधे से अधिक वाहन हटाने, सड़क यात्रा के दौरान यातायात न रोकने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने, नियमित हवाई उड़ान से यात्रा करने और मुख्यमंत्री के सरकारी आवास की बजाय छोटे आवास में रहने का फैसला कर मंत्रिमंडल के सदस्यों और प्रशासनिक बेड़े को आम आदमी की तरह व्यवहार करने के संकेत दे दिए थे।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री के लिए तय सुरक्षा बेड़े में से आधे से अधिक कर्मियों को हटा दिया है तथा विधायकों को दी गई सुरक्षा कर्मी की सुविधा वापस ले ली है। मुख्यमंत्री के  इन निर्णयों के बाद मंत्रियों को सरकारी खर्च में कमी करने के निर्देश दिए गए हैं।  राजस्थान प्रदेश कांगे्रस ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा सादगी के लिए उठाए गए इन कदमों पर कहा, ‘‘राजे सरकार दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार की नकल कर रही है। चुनाव से पहले जनता से किए वायदों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यह सब कुछ किया जा रहा है। सरकार को घोषणा पत्र में किए वायदों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए।’’

राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कांगे्रस के बयान पर कहा, ‘‘हम आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की नकल नहीं कर रहे हैं, ‘आप’ सरकार हमारी नकल कर रही है।’’ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अभी हाल में सम्पन्न हुई 2 दिवसीय कलैक्टर, पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रैंस में अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने, भ्रष्टाचार में लिप्त बड़ी मछलियों को पकडऩे, हर हाल में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा थानों में आने वाले फरियादी की एफ.आई.आर. दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला कलैक्टरों को गांवों में रात्रि विश्राम कर समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने की कड़ी हिदायत भी दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हर विभाग को 60 दिन की कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रस्तुतीकरण देखने के बाद आने वाले कुछ दिनों में 60 दिन की कार्ययोजना का ऐलान कर लोकसभा चुनाव में ‘मिशन-25’ का शंखनाद करेंगी। राजे मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री द्वारा अपनाए गए सादगी के कदमों से कदमताल करते हुए अपने काफिले में पुलिस एस्कार्ट और 2 से अधिक वाहन न रखने, सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन पांच सितारा होटलों में न करने, सरकारी कार्यक्रमों में किसी भी सामूहिक भोज का आर्थिक बोझ सरकार पर न डालने, अभिनंदन और सामूहिक गोष्ठी जैसे कार्यक्रमों में कम से कम खर्च करने का फैसला किया है।

कांग्रेस प्रवक्ता सत्येन्द्र सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार को सत्ता में आए एक महीने से अधिक समय हो गया है लेकिन जो वायदे कर वोट मांगे थे उन वायदों पर काम शुरू नहीं किया गया है, केवल जनता का ध्यान हटाने के लिए यह दिखावा किया जा रहा है। सरकार घोषणा पत्र में किए वायदों पर अमल करे क्योंकि जनता परिणाम चाहती है।’’ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कैलाश भट्ट ने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास कहने को कुछ नहीं बचा है। जनता द्वारा दिए परिणाम सबके सामने हैं। कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट कर रह गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेशवासियों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के लिए पार्टी कार्यालय में पदाधिकारियों और मंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से जनसुनवाई शुरू की है जिससे लोग प्रसन्न हैं।’’

राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा, ‘‘पूर्व कांगे्रस सरकार द्वारा गुर्जरों समेत 4 जातियों को आरक्षण देने का वायदा पूरा न करने का दंश हम भुगत चुके हैं।  राजे ने अपनी सुराज संकल्प यात्रा के दौरान सरकार में आने पर इन जातियों को आरक्षण में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन भाजपा सरकार के अपनी साठ दिन की कार्ययोजना में इसे शामिल न करना मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता को दर्शाता है।’’

एक समाज सेवी महिला संगठन से जुड़ी एक कार्यकत्र्ता ने कहा, ‘‘दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सादगी अपनाकर राजनीतिक पार्टियों को ‘आप’ सरकार के कदमों पर सोचने को विवश जरूर कर दिया है। यही वजह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने आम आदमी पर जोर देकर अपनी कार्यशैली बदली है।


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