ठाकुर बहुल गांवों में पकड़ बना रही है आप

  • ठाकुर बहुल गांवों में पकड़ बना रही है आप
You Are HereNcr
Monday, January 13, 2014-12:41 PM

गाजियाबाद: देश की राजधानी दिल्ली के विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित जीत हासिल कर सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी (आप) के हौसले काफी बुलन्द हैं। कुमार विश्वास ने जहां राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लडऩे की घोषणा की है वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के खिलाफ झाड़ू बुलंद करेंगे।

गाजियाबाद की संसदीय सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। भाजपा के टिकट पर पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर यहां से चार बार जीत दर्ज कर देश की सबसे बड़ी पंचायत में बैठ चुके हैं। वो बात अलग है कि उन्होंने राजनाथ सिंह के आने के बाद कांग्रेस का दामन थाम लिया। यही वजह थी कि पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपने लिए इस सीट को चुना और यहां से चुनाव लड़कर जीत हासिल की।

लेकिन, इस बार राजनाथ की राह में आप न सिर्फ रोड़ा बनकर सामने आने वाली है बल्कि गाजियाबाद सीट से वह अपने कद्दावर मंत्री मनीष सिसौदिया को लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है। बताया जा रहा है कि जिस ठाकुर समाज के वोट बैंक की बदौलत राजनाथ सिंह यहां से चुनाव जीते थे उसी समाज से मनीष सिसौदिया आते हैं, इस कारण उनके चुनाव लडऩे की संभावना को और बल मिल रहा है।


बड़ी जनसभा की तैयारी : पार्टी सूत्र बताते हैं कि गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र स्थित ठाकुर बहुल क्षेत्र साठा चौरासी के किसी गांव में एक बड़ी जनसभा कर चुनाव का आगाज हो सकता है। बता दें कि आप की सरकार में दूसरे नंबर पर माने जाने वाले सिसौदिया साठा चौरासी के  फगौता गांव के ही मूल निवासी हैं। इसी कारण जनसभा में क्षेत्रीय लोगों की तरफ से ही उनकी उम्मीदवारी का एलान कराया जाएगा। इसके लिए क्षेत्र के कुछ नेताओं से पार्टी संपर्क साधे हुए है।

सभा कराने की जिम्मेदारी आप की कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य संजय सिंह को सौंपी गई है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इन गांवों को भाजपा का ही गढ़ माना जा रहा है। आप की कोशिश होगी कि साठे के इन गांवों के जरिए ही पार्टी की ग्रामीण मतदाताओं के बीच मजबूत स्थिति बनाई जाए। साठे गांवों की बात की जाए यहां लगभग डेढ़ लाख वोटर हैं। आप की कोशिश होगी कि गांवों में पैठ बनाकर राजनाथ की जमीन को कमजोर किया जाए।

भाजपा की स्थिति हो रही कमजोर : गाजियाबाद लोकसभा, विधानसभा सीटों समेत नगर निगम चुनावों में भाजपा का ही वर्चस्व रहा है। जिसका फायदा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भी मिला था लेकिन, यह बात और है कि राजनाथ सिंह ने अपने चुनाव के दौरान जो बड़े-बड़े दावे गाजियाबाद की जनता के बीच किए थे उन्हें वह जमीनी हकीकत पर उतारने में नाकाम रहे हैं। भाजपा वोटों का गढ़ माने जाने वाले गाजियाबाद  में इस पार्टी की स्थिति कमजोर पड़ती जा रही है।

यही कारण है कि उप्र के विधानसभा चुनावों में यहां के मतदाताओं ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया था। गाजियाबाद लोकसभा के अन्तर्गत आने वाली पांच विधानसभाओं सीटों गाजियाबाद शहर, साहिबाबाद, मुरादनगर, लोनी व धौलाना में से किसी भी पर भाजपा प्रत्याशी की जीत नहीं हुई थी।

23 लाख मतदाता हैं : गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र में करीब 23 लाख मतदाता हैं। जिनमें शहरी वोटर अधिक हैं। यहां पर आप भाजपा का गणित बिगाड़ सकती है, इसकी एक वजह यह भी है कि आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा में ही रहते हैं।  आप के जिला संयोजक देवेन्द्र सिंह की माने तो गाजियाबाद में अब तक लगभग 50 हजार लोगों ने आप की सदस्यता ले ली है और यह अभियान अभी जारी है। आप की जो रणनीति यहां दिखाई पड़ रही है उससे कहना गलत न होगा कि आप, भाजपा के साथ अन्य दलों की मुश्किलें भी बढ़ा सकती है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You