पानी के लिए लगाना होगा डिजिटल मीटर

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Monday, January 13, 2014-2:46 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): मुफ्त पानी देकर दिल्लीवासियों को गदगद करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेता और दिल्ली के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब लोगों की जेब काटने की तैयारी कर ली है। पिछले साल 28 दिसम्बर को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद केजरीवाल ने महज 4 दिन बाद ही 2 जनवरी को पूरी दिल्ली में पानी के नए डिजिटल मीटर लगाने के आदेश पर अपनी मुहर लगा दी।

मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने 2 जनवरी को ही एक नोटिस जारी कर सभी पानी उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है। नए मीटर की कीमत 7 हजार रुपए है और धीरे-धीरे पानी उपभोक्ताओं से यह 7 हजार रुपए किश्तों के रूप में बिल में वसूले जाएंगे।

बेहद तेज गति से भागने वाले एल. एंड टी. कंपनी के इन्हीं पानी के डिजिटल मीटरों को पिछले साल लगाने को लेकर अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर और दिल्ली जल बोर्ड के झंडेवालान स्थित मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। राजधानी के तमाम इलाकों के आर.डब्लू.ए. को और संगठनों को अब यह नोटिस भेजा जा रहा है।

जिसमें लिखा है कि डिजिटल मीटर लगवाना सभी पानी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य होगा। मीटर के लिए उन उपभोक्ताओं को 400 रुपए बतौर सुरक्षित राशि के रूप में देने होंगे, जिनके यहां इस समय पानी के पुराने मीटर लगे तो हैं लेकिन काम नहीं कर रहे। जिस उपभोक्ता का मीटर सही तरह से काम कर रहा है, उससे 400 रुपए नहीं लिए जाएंगे।

दिल्ली जल बोर्ड सूत्रों के मुताबिक धीरे-धीरे पानी के बिल में उपभोक्ताओं से 7 हजार रुपए वसूले जाएंगे। हैरत की बात तो यह है कि पानी के जिस डिजिटल मीटर को अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल हवा से चलने वाला बताया था अब उसी मीटर को वह लोगों के पुराने मीटर उतरवाकर क्यों लगवाना चाह रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड के पास क्रांति कंपनी का आई.एस.आई. मार्क वाला जब 700 रुपए की कीमत वाला पानी का मीटर मौजूद है तो ऐसे में 7000 रुपए के मीटर को लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक नया डिजिटल मीटर बेहत तेज गति से भागता है जिससे दिल्लीवासियों का पानी का बिल अभी के मुकाबले और अधिक आएगा। डिजिटल मीटर को लगाने के पीछे कंपनी और जल बोर्ड तर्क दे रहा है कि इस मीटर के लग जाने से बोर्ड के अधिकारी किसी भी इलाके में जाकर 200 मीटर के दायरे में आने वाले सभी घरों में लगे पानी के मीटर की रीडिंग आधुनिक यंत्र से ले सकेंगे। फिलहाल अधिकारियों को लोगों के घर-घर जाकर पानी की रीडिंग लेनी होती है।

मिली जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी के बाद से मॉडल टाऊन, शालीमार बाग, रोहिणी, त्रीनगर, मल्कागंज आदि कुछ और इलाकों में नए डिजिटल मीटर लगा दिए गए हैं। पिछले साल भी राजधानी के कुछ इलाकों में यही डिजिटल मीटर लगाए गए थे लेकिन बाद में हो-हल्ला मचने के बाद और लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद मीटर लगाने का काम रोक दिया गया था। इस समय दिल्ली में करीब 4 लाख लोगों के घरों में पानी के मीटर लगे हुए हैं।

यूनाइटेड रेजिडेंट ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष जितेंदर त्यागी ने अरविंद केजरीवाल पर जनता की जेब काटने का आरोप लगाया है और मांग की है कि नए डिजिटल मीटरों को लगाने के बजाय दिल्ली जल बोर्ड के मीटरों को लगाया जाए जिससे जनता पर बोझ न पड़े। उधर यूनाइटेड रेजिडेंट ऑफ दिल्ली के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा है कि अगर मीटर लगाए गए तो वह दिल्ली सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे।

इस तरह के मीटर लगाकर बिना वजह जनता पर बोझ डाला जा रहा है। जब पहले केजरीवाल जी कहते थे कि यह मीटर हवा से चलता है तो आज यह ठीक कैसा हो गया।

-मतीन अहमद, पूर्व उपाध्यक्ष दिल्ली जल बोर्ड


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