नर्सरी की सीट 150 लेकिन चलाए जाते हैं 8 सैक्शन

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Monday, January 13, 2014-3:04 PM

नई दिल्ली (अभिषेक आनन्द): नई गाइडलाइन पर 15 जनवरी से आवेदन शुरू हो जाएगा, लेकिन नर्सरी एडमिशन में धांधली का खेल चलता रहेगा। यह मानना है एडमिशन एक्सपर्टों का। हालांकि वे स्वीकार करते हैं नई गाइडलाइन से करप्शन कुछ कम होगा। नर्सरी एडमिशन पर हैल्प वैबसाइट चलाने वाले सुमित वोहरा कहते हैं कि डोनेशन का खेल खत्म नहीं होगा। स्कूल पूरी सीट ही नहीं दिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसा हुआ है लेकिन इस बार खेल अधिक हो सकता है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां 150 सीटों पर एडमिशन होता है, लेकिन पता चलता है उसमें नर्सरी के 8 सैक्शन चलाए जा रहे हैं। बताइए यह कैसे मुमकिन है। हालांकि नियमों के मुताबिक स्कूलों को पिछले साल दिखाए गए सीट पर एडमिशन लेना है। वोहरा के मुताबिक 3 तरीके से डोनेशन दिया जाता है। कुछ बड़े लोग अपनी इच्छा से स्कूलों को पैसे देते हैं ताकि उनके लाडले को एडमिशन मिल जाए। हालांकि पब्लिक स्कूल मैनेजमैंट एसोसिएशन के आर.सी. जैन इस बात से इंकार करते हैं। उनका कहना है कि एडमिशन के लिए डोनेशन देना करप्शन है।

हालांकि वे कहते हैं कि स्कूल को नहीं लेकिन स्कूल चलाने वाली सोसायटी को लोग डोनेशन दे सकते हैं, लेकिन बदले में एडमिशन स्कूल नहीं दे सकते, लेकिन सुमित वोहरा इंकार करते हैं। पिछले साल एक नैशनल टी.वी. चैनल के साथ मिलकर स्टिंग करने वाले वोहरा कहते हैं स्कूल पैरेंट्स पर पैसे देने का दवाब भी बनाते हैं। यह दूसरी तरह का डोनेशन है। उनका कहना है कि स्टिंग में फंसने वाले स्कूल अब ठीक से बात भी नहीं करते। सिर्फ इशारों में पैसे मांगते हैं। तीसरे तरह के डोनेशन के बारे में बताया जाता है कि स्कूल गैर अधिकारिक तौर पर पैरेंट्स को संदेश भेजते हैं कि पहले पैसे दीजिए, पहले एडमिशन मिलेगा।


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