केंद्र सरकार 27 तक पेश करे शाह आयोग की रिपोर्ट: हाई कोर्ट

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Monday, January 13, 2014-6:45 PM

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज केन्द्र सरकार को ओडीशा और झारखंड में गैरकानूनी खनन के बारे में न्यायमूर्ति शाह आयोग की रिपोर्ट 27 जनवरी तक पेश करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति ए के पटनायक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इसके साथ ही केन्द्र सरकार को केन्द्रीय अधिकार प्राप्त समिति को भी रिपोर्ट की प्रति मुहैया कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद यह निर्देश दिया।

भूषण का आरोप था कि रिपोर्ट के अंश समाचार पत्र में प्रकाशित हुए हैं जो बेहद विस्मित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत को इस रिपोर्ट का विश्लेषण करना चाहिए। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 27 जनवरी के लिए स्थगित कर दी है।

इसी दिन न्यायालय शाह जांच आयोग का कार्यकाल एक साल और बढ़ाने के अनुरोध पर भी विचार करेगा। याचिकाकर्ता चाहते हैं कि शाह आयोग का कार्यकाल बढ़ाया जाये ताकि वह अपनी जांच पूरी करके खनन से संबंधित मसले पर अपनी रिपोर्ट पेश कर सके।

गैर सरकारी संगठन गोवा फाउण्डेशन ने याचिका में कहा है कि शाह आयोग के आग्रह के बावजूद इसका कार्यकाल नहीं बढ़ाने का निर्णय दुर्भावनापूर्ण है क्योंकि यह स्पष्ट हो चुका है कि आयोग का कामकाज बड़े कार्पोरेट घरानों और खनन से जुड़े व्यक्तियों, प्रमुख नेताओं तथा मंत्रियों के हितों को प्रभावित कर रहा है।

याचिका में कहा गया है कि इन राज्यों में गैरकानूनी खनन की गतिविधियों के बारे में जांच पूरी होने से पहले ही आयोग को खत्म करना दुर्भावनापूर्ण है। यदि आयोग ने कुछ पहलुओं की जांच का काम पूरा कर लिया तो यह सरकारी संसाधनों की लूट में सरकारी अधिकारियों की सांठगांठ और स्थिति से निबटने में खनन मंत्रालय की असमर्थता को बेनकाब करेगा।
 


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