इंफ्रारैड और राडोमीटर से गिनी जाएंगी संपत्तियां

  • इंफ्रारैड और राडोमीटर से गिनी जाएंगी संपत्तियां
You Are HereNcr
Tuesday, January 14, 2014-3:40 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): संपत्ति कर न देकर निगम को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले लोग अब बच नहीं सकेंगे। उत्तरी  दिल्ली नगर निगम हाईटैक इंफ्रारैड तकनीक से संपत्तियों को गिन कर उनसे संपत्ति कर वसूल करेगी। जिससे लोगों के लिए निगम के टैक्स नेट से बचना आसान नहीं होगा।

इसके लिए निगम निजी कंपनी को हायर करेगा। गौरतलब है उत्तरी दिल्ली नगर निगम में लगभग 10 लाख संपत्तियां हैं, जिनमें से केवल साढ़े 3 लाख संपत्तियों का ही संपत्ति कर उत्तरी दिल्ली नगर निगम को मिलता है। निगम ने इस प्रोजैक्ट को चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए टेंडर जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे।  निगम की ओर से पायलट प्रोजैक्ट के रूप में 2 कंपनियों से काम शुरू करवाया गया था, जिसमें डाटा वल्र्ड और नवयुग कंपनी ने हिस्सा लिया था।

इन कंपनियों ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम की सैंकड़ों संपत्तियों का सर्वे सफलता पूर्वक किया है। जिसमें बलजीत नगर (अवैध कालोनी), गुजरांवाला टाऊन (शहरीकृत इलाका) और निगम मुख्यालय का इलाका शामिल है। निगम अधिकारियों के मुताबिक इस माह के अंत तक इंफ्रारैड तकनीक से सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। जिस भी कंपनी को काम मिलेगा, उसे काम पूरा करने के लिए 18 माह का समय दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक निगम के अंतर्गत आने वाली सभी संपत्तियों का डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद सभी संपत्तियों को एक यूनिक आई.डी. कोड भी दिया जाएगा। जिससे कभी फिर दोबारा संपत्ती मालिकों को टैक्स जमा कराने में समस्याओं का सामना न करना पड़े। निगम की योजना के मुताबिक लोगों पर अतिरिक्त दबाव न डालकर निगम उन संपत्ती मालिकों पर दबाव बनाना चाहता है जो संपत्ती कर नहीं दे रहे हैं। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर समाहर्ता एम.एस.ए. खान ने बताया कि निगम किसी संपत्ति पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहता, इसलिए उन संपत्तियों से कर वसूलने की तैयारियां की जा रही हैं, जो अभी तक कर भरने से बचती आ रही हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You