मुंबई हाईकोर्ट का आदेश, दुर्घटना में घायल लोगों को निश्चित मुआवजे का हो भुगतान

  • मुंबई हाईकोर्ट का आदेश, दुर्घटना में घायल लोगों को निश्चित मुआवजे का हो भुगतान
You Are HereNational
Tuesday, January 14, 2014-4:59 PM

मुंबई: मुंबई उच्च न्यायालय ने दुर्घटना में गंभीर घायल हुए लोगों को भविष्य के चिकित्सा खर्च के लिए निश्चित मुआवजे के भुगतान का आदेश दिया है। अदालत ने सड़क दुर्घटना के बाद पक्षाघात का शिकार हुई एक महिला को मासिक वित्तीय मदद का आदेश देते हुए यह व्यवस्था दी।

न्यायाधीश ए एस ओका तथा न्यायाधीश जेएस पटेल की खंडपीठ ने व्यवस्था दी कि भावी चिकित्सा खर्च के लिए मोटा माटी राशि देने के बजाय, गंभीर मामलों में एक मासिक राशि तय की जा सकती है। ऐसे मामलों में आमतौर पर यह निश्चित नहीं होता कि रोगी का इलाज कितने दिन चलेगा। खंडपीठ न्यू इंडिया एश्योरेंस लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील की सुनवाई कर रही थी जिसमें उसनेे मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के एक फैसले को चुनौती दी थी। एमएसीटी ने 39 वर्षीय श्रुति पंाचाल को कुल मिलाकर 76,57,000 रपये के मुआवजे का आदेश दिया था।

बीमा कंपनी ने इसमें से 36,86,000 रपये की उस राशि को चुनौती दी जो कि भविष्य के चिकित्सा खर्च आदि के लिए दिए जाने का आदेश था। इस दुर्घटना में श्रुति गंभीर रूप से घायल हो गई और उसका छाती व नीचे का हिस्से को पक्षाघात हो गया। कंपनी ने अपील की थी कि वह पीड़ित के खाते में हर महीने 20,000 रपये जमा कराने को तैयार है जब तक वह जीवित हैं।

उच्च न्यायालय ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया। उच्च न्यायालय ने कुल मुआवजा राशि को घटाकर 41,86000 रपये कर दिया। इस राशि के अलावा बीमा कंपनी 44 लाख रपये एमएसीटी के यहां जमा कराएगी। इस राशि पर आने वाला ब्याज पीड़िता के खाते में मासिक आधार पर जमा होता रहेगा। पीड़िता के निधन के बाद मूल राशि बीमा कंपनी को लौट जाएगी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You