कांग्रेस जो भी कहेगी, करने को तैयार हूं : राहुल

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Tuesday, January 14, 2014-7:53 PM

नई दिल्ली : कांग्रेस समिति की शुक्रवार को होने वाली बैठक से पूर्व पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज बड़ी जिम्मेदारी संभालने को तैयार दिखे। इस बैठक में उन्हें कांग्रेस का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की संभावना है।राहुल गांधी कहा कि मैं कांग्रेस का सिपाही हूं। मुझे जो भी आदेश दिया जाएगा, मैं उसका पालन करूंगा। कांग्रेस जो भी कहेगी, मैं करने को तैयार हूं । हमारी पार्टी में फैसले वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘पहले भी कुछ फैसले लिए गए हैं, सत्ता तो जहर है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं जिम्मेदारी संभालने के इच्छुक नहीं हूं। मेरी जिंदगी में हठधर्मिता का कोई शब्द नहीं है। कांग्रेस ने जो भी मुझसे चाहा , मैंने किया है।’

उन्होने कहा कि सत्ता के जहर होने का मतलब है कि सत्ता का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए करो और किसी को इसका इस्तेमाल खुद को बड़ा या अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए नहीं करना चाहिए। इस संबंध में सीधा सवाल किए जाने पर कि क्या वह ऐसी कोई जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे, राहुल गांधी ने कहा कि मेरे परिवार में से किसी ने भी कभी भी सत्ता के लिए काम नहीं किया। न मेरे पिता ने और न मेरी दादी ने।हमारा एक लोकतांत्रिक संगठन है। लोकतंत्र में हमारा विश्वास है। भारत की जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से फैसला करेगी कि कौन देश का प्रधानमंत्री बनेगा।

कांग्रेस मुक्त भारत के नारे के लिए भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा आज एक व्यक्ति केंद्रित शासन चाहती है जो देश हित में नहीं है। देश पर शासन किसी एक व्यक्ति विशेष के विचारों और उसके तौर तरीकों से नहीं चलाया जाना चाहिए। देश के 120 करोड़ लोगों के भविष्य को सबको साथ लेकर ही आकार दिया जा सकता है और सुधारा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो इस देश के डीएनए की तरह समाई हुई है। भाजपा , कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रही है। वह यह नहीं समझती कि कांग्रेस एकमात्र राजनीतिक ताकत है जिसने इस देश की जनता को एकजुट रखा है।  राहुल गांधी ने इससे पूर्व कहा था कि उनकी पार्टी को आम आदमी पार्टी से सीखना चाहिए। हालांकि उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी से कुछ मुद्दों पर असहमति भी जताई।

उन्होंने इस बात को खारिज किया कि कांग्रेस नेता जमीनी स्तर से कट गए हैं और इसके सांसद और विधायक क्षेत्रों में नहीं जाते। उन्होंने कहा, कि पार्टी को युवाओं के साथ जोडऩे की जरूरत है। हमने पिछले कुछ सालों से इस दिशा में काम किया है। हम भविष्य में भी ऐसा करेंगे।
    
उन्होंने इस बात से भी असहमति जताई कि सहयोगी दल कांग्रेस को छोड़ रहे हैं। राहुल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सहयोगी हमें छोड़ रहे हैं। जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र में हमारे सहयोगी हैं। बिहार में कोई गठबंधन नहीं है लेकिन बातचीत चल रही है। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस बिहार में राजद के साथ गठबंधन करेगी तो उन्होंने स्पष्ट बताने से इंकार किया।  राजद के साथ गठबंधन के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा बातचीत चल रही है। ये फैसले गठबंधन समिति द्वारा किए जाते है और उनके फैसले हमें स्वीकार्य होंगे।


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