तफ्तीश के लिए सोशल साइट्स का इस्तेमाल करें: सीबीआई

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Tuesday, January 14, 2014-9:08 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सिफारिश की है कि जांच एजेंसियों को तफ्तीश के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए। सीबीआई ने सिफारिश की है कि यूजरों (इस्तेमाल करने वाले लोगों) को फॉलो कर उन पर नजर रखकर और उनकी प्रोफाइल तस्वीरें तथा स्टेटस मेसेज खंगालकर जांच एजेंसियां अपनी ‘‘खुली, चौकस और गुप्त’’ तफ्तीश की खातिर सोशल नेटवर्किंग साइट्स का दोहन करें।

सरकार जहां सोशल नेटवर्किंग साइट्स के शरारत भरे इस्तेमाल पर लगाम लगाना चाहती है, वहीं सीबीआई ‘‘लोगों से सूचना एवं खुफिया जानकारी इकट्ठा कर’’ इन साइट्स का पूरा इस्तेमाल करना चाहती है। पिछले साल नवंबर में पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षकों (आईजीपी) के सम्मेलन के दौरान अपनी प्रस्तुति में सीबीआई ने सरकारी संगठनों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए खाका और दिशानिर्देश पेश किया था और तीन सूत्री कदम - ‘‘खुली, चौकस और गुप्त’’ की सिफारिश की थी।

सीबीआई ने कहा कि खुली तफ्तीश सड़कों पर वर्दी में गश्त लगाने जैसा है जिसमें जांच एजेंसियां ‘‘गूगल कर सकती’’ हैं, फेसबुक और यूट्यूब पर तलाश कर सकती हैं। चौकस जांच की श्रेणी में जासूस या सादे कपड़े पहने अधिकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध तस्वीरों और प्रोफाइल स्टेटस को ‘‘तलाश कर रख’’ सकती हैं और ‘गुप्त’ श्रेणी के तहत अंडरकवर जांच की जा सकती है जिसमें अधिकारी आरोपी को ‘‘फॉलो’’ कर सकते हैं।


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