राहुल को शायद नहीं बनाया जाएगा पीएम पद का उम्मीदवार

  • राहुल को शायद नहीं बनाया जाएगा पीएम पद का उम्मीदवार
You Are HereNational
Thursday, January 16, 2014-1:34 AM

नई दिल्ली: राहुल गांधी ने भले ही पार्टी द्वारा उन्हें दी जाने वाले किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए अपनी इच्छा जताई हो लेकिन व्यापक अटकलों के विपरीत उन्हें कांग्रेस का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की संभावना नहीं है।
    
राहुल गांधी अतीत में सरकार में किसी जिम्मेदारी को संभालने के प्रति हिचकते दिखाई दिए हैं, लेकिन इस साल अप्रैल मई में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने कल कहा था कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी उन्हें जो भी काम देगी वह करने को तैयार हैं। इससे इन अटकलों को और बल मिला कि वह प्रधानमंत्री पद की दावेदारी में नरेन्द्र मोदी का मुकाबला करेंगे।

राहुल गांधी ने मंगलवार को एक हिंदी दैनिक को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं कांग्रेस का सिपाही हूं। मुझे जो भी आदेश दिया जाएगा, मैं उसका पालन करूंगा। कांग्रेस जो भी कहेगी, मैं करने को तैयार हूं... हमारी पार्टी में फैसले वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिए जाते हैं। हालांकि कांग्रेस में ऐसी सोच है कि पार्टी का चुनावी रास्ता फिलहाल मुश्किलों से भरा है और ऐसे में राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि अगर उन्हें ऐसी जिम्मेदारी सौंपी गई और चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो तोहमत उन्हीं के सर जाएगी।

शुक्रवार को होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सम्मेलन से पहले पार्टी नेतृत्व अन्य विकल्पों को भी तौलने में जुटा है। मसलन राहुल को चुनाव अभियान समिति का प्रभारी बनाया जाए और यह भी कि उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाए। हालांकि राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चायें अभी भी चारों तरफ खासी सरगर्म हैं। पार्टी में जो लोग इस पक्ष में हैं कि राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जाए उनका कहना है कि कांग्रेस में यह परंपरा नहीं रही है कि चुनावों के पहले प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया जाए।

2009 में अपवाद था जब सोनिया गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी का एक दस्तावेज जारी किया जिसके आवरण पर उन्हें और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तस्वीर थी और उन्होंने अपनी तस्वीर को ढक कर कहा सिंह उम्मीदवार होंगे। पार्टी नेतृत्व इस परंपरा पर भरोसा कर सकता हैं और चुनाव अभियान की जिम्मेदारी या कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व सौंप सकता है। यद्यपि इस बात में कतई शक नहीं है कि एआईसीसी के सम्मेलन में उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की जोरदार मांग होगी। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि चुनाव के पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की पार्टी को कोई जरूरत नहीं है।

इस बीच राहुल ने कांग्रेस कार्य समिति की कल होने वाली बैठक के पहले कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक करीब दो घंटे चली। कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में पूछे गये संवाददाताओं के ढेर सारे सवालों के जवाब में कहा, ‘राहुल गांधी टाप थ्री नेताओं में हैं। वह प्रमुख प्रचारक है जिनका नेतृत्व पार्टी को मजबूत बनायेगा।’ उन्होंने साथ ही कहा कि 17 तारीख को क्या होगा क्या नहीं होगा। यह उसी दिन पता चलेगा। हमें भी कोई जानकारी नहीं है। पार्टी क्या निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि एआईसीसी एक बड़ी इकाई है। कई बार लोगों की राय पार्टी की नीति बनती है। आप यह नहीं कह सकते कि एआईसीसी क्या करेगी।

एआईसीसी की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब लोकसभा चुनाव महज तीन चार महीने दूर रहे गए हैं और पार्टी में इस बात को लेकर मांग उठ रही है कि राहुल गांधी को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए। पार्टी नेता दिग्विजय सिंह के इस मुद्दे पर सावधानी बरते जाने की वकालत किये जाने के बारे में पूछने पर दीक्षित ने कहा कि यह वरिष्ठ नेता की राय है। वरिष्ठ नेताओं की राय पार्टी को सही निष्कर्ष पर पहुंचने में मदद करेगी। जहां तक एआईसीसी की बात है उसकी बैठक हो रही है। वह अंतत: निष्कर्ष पर पहुंचेगी। सामूहिक निर्णय होगा। (एजेंसी)


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You