जासूसी कांड: गुजरात के आयोग के पास क्षेत्राधिकार की कमी

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Thursday, January 16, 2014-8:46 AM

नई दिल्ली: एक महिला की कथित जासूसी की जांच के लिए गुजरात सरकार द्वारा न्यायिक आयोग की नियुक्ति राज्य प्रशासन और पदाधिकारियों को बचाने की कोशिश है तथा मामले की अंतर्राज्यीय प्रकृति को देखते हुए उसके पास इसकी जांच के लिए कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। आयोग के समक्ष दाखिल किए एक हलफनामे में यह बात कही गई है।

 

आयोग के समक्ष दाखिल किए गए एक हलफनामे में गुलेल.कॉम पोर्टल के प्रमुख आशीष खेतान ने कहा है कि विचारार्थ विषय स्पष्ट तौर पर राज्य सरकार को और इसके पदाधिकारियों को एक युवती की निजता के हनन के गंभीर उल्लंघन के आरोपों से बचाने तथा एक महिला का पीछा करने के लिए राज्य सरकार की मशीनरी के दुरुपयोग की कोशिश की ओर इशारा करता है।

 

हलफनामे में कहा गया है, ‘‘कथित अवैध जासूसी (गुजरात पुलिस द्वारा) अंतर्राज्यीय प्रकृति को देखते हुए आयोग के पास मामले की जांच करने का क्षेत्राधिकार नहीं है।’’ गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने जासूसी कांड की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश एस. भट्ट की अध्यक्षता वाले एक जांच आयोग का गठन किया है। खेतान ने कहा कि मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आयोग के पास जनहित की चिंता पर विचार करने के अधिकार में कमी है।

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