राजनीतिक दलों का दबाव बढ़ा, सेना अफस्पा वापसी के खिलाफ अपने रूख पर कायम

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Thursday, January 16, 2014-11:03 AM

जम्मू: सेना ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) हटाने की चर्चा अपरिपक्व कदम है जबकि राज्य के राजनीतिक दलों ने इस कानून का विरोध तेज कर दिया है। उत्तरी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चाचरा ने अखनूर में एक कार्यक्रम के अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि इस समय अफस्पा की वापसी की चर्चा अपरिपक्व है और ‘‘हम स्थिति और स्थिर होने का इंतजार करें।’’

सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह के इस टिप्पणी का कि जम्मू कश्मीर में अफस्पा में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए, का जिक्र करते हुए चाचरा ने कहा, ‘‘सेना प्रमुख ने सही बात ही कही है। मैंने भी आपसे कहा कि शांति है, लेकिन शांति की अवधारणा है, अब भी आतंकवादी ढांचे हैं। वे देश में घुसने और माहौल खराब करने के लिए तैयार हैं, उनमें ऐसा करने की क्षमता है।’’ 

श्रीनगर में विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने बयान जारी कर अफस्फा जारी रखने के सेना प्रमुख के बयान की निंदा की। पार्टी ने कहा कि इस कानून की अब कोई उपयोगिता नहीं है और राज्य मौलिक अधिकारों की पूर्ण बहाली के लिए तैयार है जिन पर ऐसे प्रावधानों से बहुत बुरा असर पड़ता है। सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस ने भी कल कहा था कि इस विवादास्पद कानून की प्रासंगिकता खत्म हो गई है इसे चरणबद्ध तरीके से और निश्चित समयसीमा में हटा लेना चाहिए।


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