उप्र: बेनी के कदम से खतरे में खत्री की कुर्सी

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Thursday, January 16, 2014-3:29 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस इकाई को सुस्त बताते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने पार्टी की भीतर ही एक गैर राजनीतिक मंच का गठन कर दिया, जो प्रदेशभर में मंडलवार रैलियां करेगा। कांग्रेस के भीतर एक समानांतर कांग्रेस खड़ा करने के बेनी के इस कदम से पार्टी के नेता सकते में हैं और वे इसे प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री की कुर्सी के लिए खतरे की घंटी मान रहे हैं।

विगत 12 जनवरी को लखनऊ  में एक सम्मेलन में बेनी ने कांग्रेस के अंदर ही पिछड़ा-अल्पसंख्यक-दलित मंच का गठन किया, जो मंडलवार रैलियां करेगा। बेनी ने कहा कि वह कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में मजबूत देखना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के भीतर कुछ ऐसे नेता हैं, जो पार्टी के ही दुश्मन की भूमिका अदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे राजनीतिक दल राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां कर अपनी ताकत दिखा रहे हैं, वहीं कांग्रेस की कहीं पर कोई गतिविधि नहीं है। दलित-पिछड़े और अल्पसंख्यक जो कांग्रेस की ताकत हो सकते हैं, उनकी आवाज बनने की कोशिश नहीं हो रही है। इस वजह से कांग्रेस के अंदर गैर-राजनीतिक मंच का गठन किया गया है। इस मंच की समापन रैली लखनऊ  में होगी जिसके लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आमंत्रित किया गया है।’’

कहा जा रहा है कि बेनी रैलियों के जरिए अपनी ताकत दिखाकर प्रदेश अध्यक्ष के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश करना चाहते हैं। बेनी की योजना खुद को अक्रामक दिखाकर प्रदेश कांग्रेस के उपेक्षित नेताओं-कायकर्ताओं को अपने पक्ष में लामबंद करना है। शायद वह इसीलिए निर्मल खत्री पर हमला कर रहे हैं कि एक सुन्न नेता कांग्रेस अध्यक्ष तो बन गए लेकिन लगातार 15 दिन कार्यालय में नहीं बैठे। वह कार्यकर्ताओं को भी सुन्न कर देंगे।

गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के करीब 20 महीने गुजर जाने के बाद भी खत्री अब तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए हैं। पार्टी का एक धड़ा उनकी धीमी चाल को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के लिए खतरनाक बताते हुए उन्हें हटाने के पक्ष में है। कांग्रेस के एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘खत्री को जितनी सक्रियता और चुस्ती से काम करना चाहिए वो नहीं कर पा रहे हैं। उनके आने के बाद प्रदेश में कांग्रेस का संगठन और भोथरा हो गया है।’’

बेनी द्वारा कांग्रेस के भीतर समानांतर कांग्रेस खड़ा करने के सवाल पर वरिष्ठ नेता कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष खत्री और प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा, ‘‘बेनी कांग्रेस के बड़े नेता हैं। हम उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।’’ हालांकि दोनों नेताओं ने कहा कि वे इस मंच में शामिल नहीं हैं। कई बार अपने बयानों से पार्टी को मुश्किल में डालने वाले बेनी का बाल तक बांका नहीं होता। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बेनी के पीछे कोई बड़ी ताकत है।

कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘बेनी की अगुवाई वाले इस मंच द्वारा लखनऊ  में आयोजित होने वाली रैली में अगर राहुल शिरकत करने की हामी भर देते हैं, तो यह एक तरह से उप्र कांग्रेस का खत्री से बेनी के हाथों में चले जाना होगा।’’

 


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